बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय बुधवार से खुल रहे हैं। इनमें इसी दिन से
शिक्षण कार्य शुरू होगा। नौनिहालों को दी जाने वाली किताबें अभी तक नहीं
आई हैं। इस कारण इन्हें पुरानी किताबों के सहारे पढ़ाई करनी होगी। सर्व
शिक्षा अभियान के तहत 65 प्रकार की किताबों में से अभी तक 16 प्रकार की
किताबें ही आईं है। इनमें 6 प्रकार की किताबाें के केवल नमूने
आए हैं।
सत्यापन के बाद किताबाें का वितरण होगा। 40 दिन के अवकाश के बाद एक
जुलाई से विद्यालय खुल रहे हैं। परिषदीय, सहायता प्राप्त और माध्यमिक
शिक्षा विभाग के कक्षा आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें दी जाती हैं।
नया शैक्षिक सत्र अप्रैल से शुरू होने के कारण नौनिहालों को 20 मई तक
पुरानी किताबों से पढ़ाई करनी पड़ी। इनके लिए अभी तक
सभी प्रकार की नई
किताबें नहीं आई हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत 65 प्रकार की किताबें आनी
हैं। इनमें 16 प्रकार की किताबें आई हैं। इसमें भी नमूने 6 प्रकार के
किताबों के आए हैं। इनका अभी तक सत्यापन नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल
नौनिहालों को पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी होगी। इनको नई किताबें इस
माह मिलना मुश्किल दिख रहा है। किताबों के
अभाव से शिक्षण प्रभावित होना तय
है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि अभी तक सभी
प्रकार की किताबें नहीं आई हैं । जो किताबें आई हैं, उन सभी के नमूने नहीं
आए हैं। इस कारण प्रकाशक को नोटिस दिया है। अभी बच्चों को पुराने किताबों
के सहारे पढ़ना होगा।