परिषदीय स्कूलों में चल रही अर्द्धवार्षिक परीक्षा की स्थिति देखने निकले बीईओ और एबीआरसी को कहीं विद्यालय गेट पर ताला लटका मिला तो किसी में बने अतिरिक्त कक्षा कक्ष में पशु बंधे मिले। ये देखकर बीईओ ने शिक्षकों की फटकार लगाई। सभी शिक्षकों को नोटिस जारी किया है।
परिषदीय विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं मजाक बन गई है। परीक्षा में उपस्थित छात्रसंख्या 60 फीसदी से अधिक होने की बजाय कम हो रही है।
बच्चों को पढ़ने और परीक्षा देने में दिलचस्पी नहीं है, वैसे ही शिक्षकों को समय से विद्यालय खोलने और परीक्षा कराने में भी रुचि नहीं है। यह स्थिति मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र जौहर और एबीआरसी विश्राम सिंह के राजेपुर क्षेत्र के विद्यालयों के निरीक्षण में सामने आई।
एबीआरसी विश्राम सिंह को पौने दस बजे तक पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरसिंहपुर गहलवार बंद मिला। परीक्षा देने आए बच्चे विद्यालय के बाहर खड़े रहे।
एबीआरसी ने इसकी रिपोर्ट बीईओ को दी। बीईओ ने प्राथमिक विद्यालय खानपुर का निरीक्षण किया। यहां प्रधानाध्यापक उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर चली गई थीं।
बच्चे परीक्षा दे रहे थे। छात्रसंख्या कम थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अंबरपुर में लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई किताबें नहीं मिलीं। कंपोजिट ग्रांट के उपभोग में गड़बड़ी मिली।
प्राथमिक विद्यालय हमीरपुर सोमवंशी में शिक्षक पेड़ के नीचे खड़े होकर बातें कर रहे थे और बच्चे किताबों से नकल कर रहे थे। बीईओ ने शिक्षकों की फटकार लगाई।
प्राथमिक विद्यालय बरूआ में बने अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बीईओ को पशु बंधे मिले। बीईओ प्रधानाध्यापक मोनिका की फटकार लगाई तो उन्होंने बताया कि जिस ग्रामीण के पशु हैं, उसे कई बार मना किया।
लेकिन वह मानते नहीं हैं। तब बीईओ ने ग्रामीण को बुलाकर पशु खुलवाए और दोबारा बांधने पर रिपोर्ट दर्ज करवाने की चेेतावनी दी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरूआ में विद्यालय भवन खस्ताहाल मिला, जिसमें बैठकर बच्चे परीक्षा दे रहे थे। बीईओ ने भवन की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए।