फर्रुखाबाद। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के सामने अपना दुखड़ा रोने पहुंची एक बूढ़ी अम्मा की आस उस वक्त टूट गई, जब उन्हें पता चला कि पैमाइश के मामले पहले एसडीएम कोर्ट में निस्तारित होंगे। इसके बाद उसमें कुछ किया जा सकेगा। वह आंसुओं से रोने लगीं। कहती हैं कि जमीन पर कब्जा करने वाले दबंग हैं। मेरा एक बेटा भी इन्हीं के चक्कर में चल बसा। अब कोई रास्ता नहीं दिखता।
सदर तहसील में जिलाधिकारी जनता की समस्याएं सुन रहे थे। तहसील में 268 प्रार्थना पत्र आए, इनमें से सात का निस्तारण किया गया। डीएम ने एसडीएम सदर को सौ प्रतिशत शिकायत निस्तारण अवलोकन करने के निर्देश दिए। कहा कि बिना अवलोकन अपलोड न करें। शिकायत निस्तारणों पर शिकायतकर्ताओं के सौ प्रतिशत मोबाइल नंबर दर्ज करें, ताकि क्रास जांच हो सके। भूमि विवाद के मामले थानों में दोनों पक्षों को बुलाकर निपटाए जाएं। मोहम्मदाबाद के हबूड़ा कालोनी अंबेडकरनगर तकीपुर की वृद्ध प्रेमा देवी फरियाद लेकर पहुंची। बताया कि उन्होंने अपनी जमीन का कुछ भाग सुशीला देवी पत्नी दयाराम जाटव नगला पजाबा याकूतगंज को बेचा था। वह तकीपुर के एक ग्रामीण की बहन हैं। उसने मेरी जमीन पर कब्जा कर लिया। मैंने जोतने की कोशिश की, तो नहीं जोतने दी। यही नहीं पति और बुजुर्गों की बनी समाधि को भी तोड़ डाला। इन लोगों ने मेरे साथ काफी अन्याय किया। पहले भी पत्र दिए, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बताया कि आज यहां आने पर पता चला कि अब यह शिकायत अदालत से निस्तारित होगी। बोलीं, हम कैसे मुकदमे की तारीखें करेंगी। कहते हुए रोने लगीं। साथ में मौजूद पुत्र मां को सहारा देकर चला गया।