फर्रुखाबाद। मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न देने पर जिले के करीब 6000 अधिकारियों व राज्य कर्मचारियों का वेतन फंस गया है। कई विभागों ने कोषागार में वेतन बिल ही नहीं भेजा। वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारी संपत्ति का ब्योरा देने में टाल-मटोल कर रहे हैं।
शासन से प्रमुख सचिव एम.देवराज ने सभी विभागाें के राज्य कर्मचारियों की संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर फीड होने के बाद ही अगस्त का वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है। जनपद में करीब 9000 से अधिक राज्य कर्मचारियों का वेतन का भुगतान कोषागार से होता है। प्रत्येक माह विभागों से माह की अंतिम तिथि या पहली तारीख को वेतन बिल कोषागार पहुंच जाता था। इस बार तीन दिन बाद भी अधिकांश विभागों से कोषागार में वेतन बिल ही नहीं भेजे गए।
इसमें स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, जिला पंचायती राज विभाग, पीडब्ल्यूडी, नलकूप, सिंचाई आदि विभाग शामिल हैं। वहीं कुछ विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि वह लोग 31 अगस्त की रात तक मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा फीड कराते रहे।
कई कर्मचारी फीडिंग करा चुके हैं। मोटी कमाई कर रहे अधिकारी अपनी संपत्ति का ब्योरा छिपाने के प्रयास में हैं। इसके लिए कुछ अधिकारियों ने तो वकीलों से भी संपर्क किया। वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज कुमार यादव ने बताया कि पुलिस विभाग के करीब 1800 कर्मचारियों में सभी का वेतन भुगतान हो चुका है। बेसिक शिक्षा के भी 50 फीसदी कर्मचारियों का वेतन उनके खाते में भेजा गया है। अब तक करीब 35 फीसदी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया जा चुका है। शेष कर्मचारियों का विभागों से अभी वेतन बिल ही उनके पास नहीं आया। जिसका वेतन बिल मिलता जाएगा, उसका भुगतान भी हो जाएगा।