ध्यान, यज्ञ कर पुण्य अर्जित कर रहे साधु-कल्पवासी
फर्रुखाबाद। पवित्र माघ माह में भागीरथी के तट पर दान देकर अर्जित किए गए पुण्य का फल साल भर मिलता है। घर में सुख, समृद्धि भी आती है। लाखों भक्तजन मेला रामनगरिया में इस दिनों स्नान और दान कर पुण्य अर्जित कर रह हैं।
पांचाल घाट पर ब्रह्म मुहूर्त से ही साधु संत और कल्पवासियों का स्नान शुरू हो जाता है। स्नान के बाद भक्तजन पूजन और जप में लग जाते हैं। गृहस्थ अपने कल्याण, तो संत समाज कल्याण के लिए साधनारत हैं। यज्ञ में आहुतियां दे रहे हैं। अध्यात्मिक वातावरण से मेला क्षेत्र सुगंधित है।
शाम ढलते ही गंगा तट पर दीपदान करने के लिए महिलाओं की भीड़ लग जाती है। गंगा आरती में भी लोग शामिल हो रहे हैं। आदर्श क्षेत्र में महामृत्युंजय का जाप चल रहा है। स्वामी ब्रह्मचारी सत्य स्वरूप महाराज ने बताया कि सवा-सवा लाख मंत्रों के दो अनुष्ठान कर रहे हैं। जाप में आचार्य श्याम सुंदर दीक्षित समेत सात आचार्य शामिल हैं। बताया कि भगवान शिव की शरण में जाने से रोग दोष दूर हो जाते हैं।
बच्चा बाबा स्वामी शिव स्वरूप महाराज के क्षेत्र में आचार्य रामहरि पाठक ने शतचंडी महायज्ञ किया। कल्पवासियों ने गंगा स्नान करके यज्ञशाला की परिक्रमा की। यजमान हरिओम मिश्रा, उमाशंकर त्रिवेदी, उमाकांत त्रिवेदी आदि के साथ स्वामी बच्चा बाबा ने यज्ञ में भाग लिया।
बच्चा बाबा ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने घर में यज्ञ कराना चाहिए। यज्ञ से सुख-शांति आती है और रोग रहित शुद्ध वातावरण होता है। बाबा बालक दास महाराज क्षेत्र में भंडारा चल रहा है। बजरंगदास बाबा नारायण दास कई साधु-संत धूनी पूजा कर रहे हैं। खरीदारी और मनोरंजन के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
बच्चों की देशभक्ति देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
सांस्कृतिक पंडाल में परिषदीय स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर स्वच्छता का संदेश दिया। देश भक्ति कार्यक्रमों की पंडाल में धूम रही। इसमें कक्षा एक से पांच तक के बच्चों ने गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। राजेपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गौटिया की प्रधानाध्यापिका आकांक्षा अग्निहोत्री के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम पेश किए।
इस दौरान प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह, डीसी नागेंद्र सिंह राठौर, पूनम सिंह, साधना सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। सांस्कृतिक पंडाल में शैक्षिक एवं सामाजिक संस्था लखनऊ ने कार्यक्रम किया। इसकी शुरुआत मुन्नी देवी की संगीतमय गणेश वंदना से हुई। राम स्तुति, राम पर आधारित लोकगीत, शिव तांडव, नृत्य व राधा कृष्ण पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए।