फर्रुखाबाद। अधिवक्ताओं ने सदर तहसील में शुक्रवार को जमकर बवाल किया। सिपाही और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पिटाई कर दी। तहसीलदार कोर्ट परिसर में भी तोड़फोड़ की। कोतवाल के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ता शांत हुए। बवाल होता देख वादकारी जान बचाकर भाग निकले।
पिछले दिनों तहसील दिवस पर अधिवक्ताओं ने सदर तहसीलदार की शिकायत की थी। इस पर एसडीएम ने लंबित मामलों के निस्तारण के लिए 29 फरवरी तक का समय दिया था। शनिवार को अधिवक्ता भवन में तहसील के अधिवक्ताओं की बैठक हुई। इसके बाद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर मनमानी का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। वे नारेबाजी करते हुए तहसीलदार कोर्ट परिसर पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। यह देख वहां मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के मंत्री महेंद्र ने विरोध किया तो अधिवक्ताओं ने उसकी पिटाई कर दी।
अधिवक्ताओं का हुजूम आगे बढ़ रहा था कि सामने फतेहगढ़ के कोतवाल अजीत सिंह एवं सिपाही अमित पड़ गए। अधिवक्ताओं ने सिपाही को पकड़ लिया और पीट दिया। किसी तरह कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बीच बचाव कर सिपाही को छुड़ाया। कोतवाल अजीत सिंह का कहना है कि तहसील के पास पीसीओ पर बैठे उदित से एक मामले में पूछतांछ करने पहुंचे थे। तभी अधिवक्ताओं ने सिपाही को पीट दिया।
दूसरी तरफ अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह, संजीव चौहान, अतुल दीक्षित का कहना है कि यह तोड़फोड़ अधिवक्ताओं ने नहीं की है बल्कि किसी दूसरे लोगों ने की है। जानबूझ कर अधिवक्ताओं का नाम लिया जा रहा है। तहसीलदार सदर आरपी चौधरी का कहना है कि वह घटना के समय मौजूद नहीं थे। वह बाहर गए हुए थे।