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जोगराजपुर जाने को पक्की सड़क नहीं, पानी भरा

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गांव जोगराजपुर को जाने वाले मार्ग पर भरा कीचड़। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। जोगराजपुर गांव को जाने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। बरसात का रास्ते पर पानी भर जाने से ग्रामीण खेतों से होकर निकलने को मजबूर हैं। ज्यादा बरसात होने पर गांव में ही कैद हो जाते हैं। शिक्षक अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा कर स्कूल जाते हैं।
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विकास खंड राजेपुर के गांव जोगराजपुर के आने जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। बरसात के समय कच्चे रास्ते में पानी भरने पर ग्रामीण खेतों से आते जाते हैं। ज्यादा बरसात होने पर खेतों में भी पानी भरने से गांव का आने जाने का रास्ता बंद हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ग्राम प्रधान से कई बार मांग कर चुके हैं कि कच्चे रास्ते पर मनरेगा से मिट्टी डाल कर खंड़जा ही डलवा दें तो गांव के लोगों को आने जाने में दिक्कत न हो। विधायक, जिलाधिकारी व सीडीओ से कई बार मांग करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। रास्ते व खेत में पानी भर जाने से गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। इससे वाहन गांव बामियारी में खड़े करने पड़ते हैं।
इस गांव के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक श्यामपाल सिंह, श्वेता सेंगर बताते हैं कि बरसात के समय सड़क पर वाहन खड़े कर स्कूल जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसको अस्पताल ले जाने के लिए बैल गाड़ी या चारपाई पर लिटाकर रोड तक आते हैं। खंड विकास अधिकारी श्रीप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। इस गांव के लिए अभी तक पक्की सड़क क्यों नहीं बनाई गई है। गांव जाकर देख कर समस्या निस्तारण कराएंगे।
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गांव के श्याम सिंह का कहना है कि उनके गांव के लिए पक्की सड़क न होने से बरसात के दिनों में आने जाने की समस्या होती है। रास्ता बनवाने की मांग विधायक सुशील शाक्य से कई बार मांग कर चुके हैं। पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। रतीराम कहते हैं कि साल में तीन-चार माह ही रस्ता सूखा रहता है। जरा सी बरसात होने पर रास्ता बंद हो जाता है। खेतों की मेड़ से होकर निकलने को मजबूर हो जाते हैं। गांव के गिरधारीलाल बताते हैं कि हर चुनाव में नेता व प्रधान पक्की सड़क बनवाने का वादा करते हैं। लेकिन अभी तक किसी ने गांव के लिए पक्की सड़क नहीं बनवाई है। गांव के रिंकू कहते हैं कि गांव गौटिया-इमादपुर सोमवंशी मार्ग से गांव आधा किलोमीटर की दूरी पर है। लेकिन, पक्की सड़क न होने से यह रास्ता बहुत लंबा लगता है। जो भी आता है वह अपने वाहन को सड़क के किनारे खड़ा कर पानी व कीचड़ से गुजर कर गांव तक पहुंच पाता है।

रतीराम। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

श्याम। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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