युवक की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन
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झुलसे युवक की इलाज के दौरान प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। इससे गुस्साए उसके परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। इससे अफरा तफरी मच गई। मृतक पक्ष से कुछ लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया।
शहर कोतवाली गांव नगला खैरबंद निवासी रामदास का बेटा रोहित उर्फ बंटू जाटव (22) किसी तरह नौ जुलाई को झुलस गया था। युवक को आईटीआई चौराहा के पास स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।
सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने कमरे में तोड़फोड़ कर स्ट्रेचर को ऊपर से नीचे फेंक दिया। इसके साथ ही पथराव कर तोड़फोड़ की। हंगामा होने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर भीड़ जमा हो गई। इस बीच परिवार और गांव के तमाम लोग अस्पताल आ गए।
बाद में गांव के ही क ुछ लोगों ने बीच बचाव कर समझौता कराया। मृतक के भाई विनोद ने बताया कि रोहित को गंभीरावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच डॉक्टर नरेश शर्मा स्थिति में सुधार होने की बात बताते रहे। उसने आरोप लगाया कि गुर्दे की जांच के लिए पैसे जमा करा लिए थे। इसके बाद भी उसकी जांच नहीं कराई गई। उसके भाई की हालत खराब थी तो उसे रेफर क्याें नहीं किया गया।
डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण उसके भाई की मौत हुई है। हंगामा होने के बीच गांव के कुछ लोगों ने मामले को शांत कर दिया। रोहित की मौत के बाद उसकी मां जलफा देवी और बहन सीता देवी पत्नी राजेंद्र, भाई विनोद कुमार का रो-रो कर बुरा हाल था। उधर, डॉक्टर नरेश शर्मा ने बताया कि मरीज 60 प्रतिशत जला हुआ था। गुर्दे की जांच के लिए पैसे जमा नहीं किए थे।
मरीज को सेप्टीसीमिया हो गया था। इसी कारण उसकी अचानक मौत हो गई।