कोतवाल के बाद कुबेरपुर गांव में डेंगू का मरीज की खबर पर जिला मलेरिया
अधिकारी ने गांव जाकर परीक्षण कराया। उसे वायरल निकलने पर उन्होंने कहा कि
पैथोलॉजी संचालक बिना जांच के डेंगू होने का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
उन्होंने डेंगू की रोकथाम के लिए ग्राम सुरक्षा समिति के खाते से प्रधानों
से दवा का छिड़काव कराने की अपील की।
कोतवाल रूम सिंह यादव को डेंगू की
पुष्टि होने के बाद कुबेरपुर गांव निवासी महफू ज के डेंगू पीड़ित होने की
जानकारी पर जिला मलेरिया अधिकारी हिलाल अहमद ने गांव पहुंच कर जांच की।
जांच मेें मरीज को वायरल निकलने पर उन्होंने कहा कि पैथोलॉजी संचालक डेंगू
फैलने का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने महफूज खां ने जिस पैथालॉजी
में खून की जांच कराई,
उसके संचालक को आढ़े हाथों लिया। उन्होंने मेंदपुर
गांव में एक डेंगू पीड़ित बालक के घर जाकर परिजनों से जानकारी की। साथ ही
आस पास के घरों में लोगों के खून के नमूने लिए। कहा कि शासन द्वारा
प्रत्येक ग्राम सभा में प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में प्रतिवर्ष 10
हजार रुपया गांव में सफाई और दवाओं के छिड़काव के लिए आवंटित किया जाता
है। उस पैसे से
प्रधान को दवाओं का छिड़काव कराना चाहिए। बताया कि
नगरपालिका को शेड्यूल के तहत 15 दिन में एक बार फागिंग के निर्देश दिए गए
हैं। बताया कि गांव में तैनात आशा बहुओं के माध्यम से मरीजों की स्लाइड
बनाने का कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रहा है। इसके तहत
आशा को एक स्लाइड बनाने के लिए मानदेय में 15 रुपये और डेंगू या मलेरिया
पाजिटिव निकलने पर 75 रुपये मानदेय दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने
बताया कि इस कार्यक्रम के तहत सीएचसी में तैनात चिकित्सकों को क्षेत्र में
जाकर मरीजों की जांच करने का भी प्रावधान है।