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Farrukhabad News: इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर न होने पर परिजनों का हंगामा

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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर की लेटलतीफी पर मरीजों के परिजनों ने हंगामा किया। बात सीएमएस तक पहुंची तो उन्होंने इमरजेंसी प्रभारी को भेजकर मामला शांत कराया। एक घंटे बाद दोपहर करीब तीन बजे डॉक्टर पहुंचे।
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शनिवार की सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक इमरजेंसी में ड्यूटी डॉ. मनोज पांडेय की थी। दोपहर दो से रात आठ बजे तक डॉ. भानु प्रताप को ड्यूटी करनी थी। दो बजे डॉ. मनोज पांडेय इमरजेंसी से चले गए, मगर दूसरे डॉक्टर नहीं पहुंचे। इसी दौरान नवाबगंज थाने के गांव बरतल निवासी देवपाल पुत्र अंशुमान (10) को लेकर पहुंचे। उस समय इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं थे। बच्चे की हालत गंभीर थी। परिजन नाराजगी जताने लगे।
इसी दौरान अस्पताल में भर्ती फतेहगढ़ के सुंदरपुर निवासी आदेश श्रीवास्तव (22) की हालत बिगड़ने लगी। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में भी डॉक्टर नहीं रहते हैं। ड्यूटी पर मौजूद फार्मासिस्ट सतेंद्र ने डॉक्टर न होने की जानकारी सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त को दी।
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मामला बढ़ता देखकर सीएमएस ने इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी को सूचना दी। उन्होंने पहुंचकर दोनों मरीजों को मृत घोषित किया। इस पर परिजन शांत होकर चले गए। ड्यूटी पर तैनात डॉ. भानु प्रताप एक घंटे बाद तीन बजे इमरजेंसी पहुंचे। भानु प्रताप ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार रात में ड्यूटी की थी। शनिवार सुबह आठ बजे के डॉक्टर साढ़े आठ बजे आए। इसके बाद वह घर गए थे। इन्होंने डॉ. मनोज पांडेय से आधा घंटा देर से आने की बात कह दी थी। वह बस अड्डे पर जाम में फंसने से लेट हो गए थे। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि मामला संज्ञान में है। वह संबंधित डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण लेंगे।
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