मुकद्दस रमजान में इस बार भीषण गर्मी और उमस भरा मौसम रहेगा। इस वजह से रोजेदारों के सब्र का और कड़ा इम्तहान होगा। दरअसल इस बार रोजे 15 घंटे से ज्यादा के होंगे। लिहाजा खानपान में सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि इबादत के साथ-साथ सेहत भी ठीक रहे।
रमजान को लेकर पूरे जिले में खासा उत्साह है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक तैयारी में जुटे हैं। उलेमा का कहना है कि 26 मई को चांद दिखता है तो 27 मई से रमजान शुरू होंगे, अन्यथा 28 मई से रोजों की शुरुआत होगी। इसी हिसाब से तरावीह का दौर भी शुरू होगा। डॉक्टरों का कहना है कि सहरी खत्म होेने से पहले और इफ्तार के बाद खूब पानी पीयें।
प्रोटीन से भरपूर खाना खाएं। सहरी के वक्त फल, साबुत अनाज, मिठाइयां, तली हुई चीजों, ज्यादा मीठे और नमक वाले पकवानों से बचें। सहरी में दाल, अंडे जैसे प्रोटीन से भरपूर चीजें लें। ये पूरे दिन ऊर्जा देंगी।
सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर का कहना है कि रोजेदारों को जरूरत के अनुसार डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए ताकि वे सुरक्षित और सेहतमंद तरीके से रोजे रख सकें। डॉक्टरों को भी चाहिए कि वे हाईरिस्क वाले मरीजों को खतरों के बारे में जानकारी दें। खासतौर पर यदि शुगर के मरीज रोजा रख रहे हैं तो एक बार चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। व
ह बताते हैं कि रोजा खोलते ही तुरंत ज्यादा पानी न पीयें। सादा पानी की जगह शिकंजी, शरबत आदि पिएं तो बेहतर रहेगा। सहरी और इफ्तारी में ज्यादा तली भुनी चीजों से परहेज करें।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए मीठा रहित ज्यादा तरल आहार लेते रहें।
डायबिटीज वालों को डॉक्टर से सलाह से डाइट प्लान बनवा लेना चाहिए।
जूस की तुलना में फल को तरजीह दें।
मल्टी ग्रेन ब्रेड, चोकर मिले आटे की रोटी या पराठा, दूध और दही, तीन से चार गिलास पानी, अंडा, ताजे फल