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व्यापारी के यहां डकैती व बैंक में चोरी पुलिस के हाथ खाली

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शुकरुल्लाहपुर शाखा में डकैती का खुलासा पुलिस नौ वर्ष बाद भी नहीं कर पाई है। बैंक से बदमाश आठ लाख रुपये ले गए थे। 18 दिसंबर को शमसाबाद थाना क्षेत्र में भवन निर्माण सामग्री विक्रेता के घर चोरी भी पुलिस अभी तक खोल नहीं पाई है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव शुकरुल्लाहपुर स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में 29 नवंबर 2011 को बाइक से आए बदमाश तमंचे के बल पर दिन दहाड़े तिजोरी से आठ लाख से अधिक रुपये लूट ले गए थे। तत्कालीन एसपी ओपी सागर ने खुलासे के लिए कई टीमें बनाई थीं। तत्कालीन डीआईजी ने लापरवाही के आरोप में दरोगा और दो बीट सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। तीन वर्षों तक पुलिस इधर उधर हाथ पैर मारती रही। सरकार बदलने के बाद पुलिस कप्तानों ने खुलासे मेें रुचि नहीं दिखाई। ऐसा तब रहा जब सर्विलांस टीम ने कई शातिरों के मोबाइल नंबर प्रकाश की जानकारी अधिकारियों को दी थी। एसओजी प्रभारी जेपी शर्मा ने बताया कि मामला पुराना है, मेरे संज्ञान में नहीं है।
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कुछ ऐसा ही हाल शमसाबाद थाना क्षेत्र के भवन निर्माण सामग्री विक्रेता उदयभान मिश्रा के घर हुई चोरी का भी है। 18 दिसंबर की रात आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश व्यापारी के घर घुस आए थे। असलहे के बल पर व्यापारी की पत्नी ओमवती से मारपीट कर मंगलसूत्र, कुंडल और नगदी लूट ले गए थे। बदमाशों की संख्या छह होने के बावजूद पुलिस ने चोरी
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में मुकदमा किया था। एसपी अशोक कुुमार मीणा ने खुलासे के लिए एसओजी व सर्विलांस टीम को लगाया था। टीमों ने व्यापारी के परिजनों से पूछताछ की थी। सर्विलांस टीम ने सैकड़ों मोबाइल नंबरों की सूची बनाकर संदिग्ध नंबरों की तलाश की लेकिन नतीजा सिफर रहा। बुधवार रात आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की किसरोली शाखा में चोरी हो गई।
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