फर्रुखाबाद। राज्य सड़क परिवहन निगम स्थानीय डिपो को की बसों में टायर तक उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। टायरों के अभाव में कई दिन से आगरा और दिल्ली रूट की नौ से अधिक बसें रोजाना निरस्त करनी पड़ रही हैं। इससे डिपो की आय घटने के साथ यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय डिपो के बेड़े में इस समय निगम की 96 और 24 अनुबंधित बसें हैं। 120 बसों के बेड़े के बावजूद बड़ी संख्या में यात्री दूसरे डिपो से यात्रा करने को मजबूर हैं। इस समय सबसे अधिक टायरों की किल्लत है। टायरों के अभाव में दिल्ली और आगरा रूट की नौ से अधिक बसें रोजाना कार्यशाला से नहीं निकल पा रही हैं।
बुधवार रात अल्हागंज से दिल्ली और फर्रुखाबाद से दिल्ली जाने वाली बस को भी खड़ा करवा दिया गया। चालकों ने जब टायरों की व्यवस्था करने की बात कही तब दो घंटे बाद फतेहपुर से कुछ दिन पहले आईं चार बसों में पीछे लगे नए टायरों को खोलकर इन बसों को रवाना किया गया। बृहस्पतिवार को भी सात-आठ बसें टायरों के अभाव में खड़ी रहीं।
रोजाना एक लाख रुपये घट रही आय
डिपो के बेड़े में शामिल बसों के हिसाब से इस समय 19.73 लाख रुपये की रोजाना आय का लक्ष्य है। पूरी बसें रोड पर न चलने की वजह से सोमवार को 19 लाख, मंगलवार को 18 लाख और बुधवार को 17 लाख रुपये की आय हुई।
कुछ चालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई बसों में आगे के टायर रबड़िंग के हैं। पीछे के भी काफी खराब हैं। इसके बावजूद कार्रवाई करने की धमकी देकर जबरन उन्हीं टायरों वाली बसों पर भेजा जाता है।
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-22 टायर मिलने पर सामान्य होंगे हालात
फोरमैन सक्षम ने बताया कि एक-दो दिन में कुछ टायर मिलने की उम्मीद है। इसके बाद काम चलना शुरू हो जाएगा। हालांकि करीब 22 टायर मिलें तो हालात सामान्य होंगे। डिमांड काफी पहले भेजी जा चुकी है।
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शीघ्र मिलेंगे टायर, अफसरों से चल रही वार्ता
एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि टायरों की कमी है। लखनऊ से इटावा के लिए टायर भेजे जा रहे हैं। हमारा वाहन इटावा में खड़ा है। जैसे ही टायर मिलेंगे, उन्हें लगवा दिया जाएगा।