पिपरगांव चौराहे के पास पीछे से आई पिकअप की टक्कर से दो मजदूरों की मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने इटावा-बरेली हाईवे पर ट्रक की चेचिस को खड़ा कर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने पहुंचे सीओ की ग्रामीणों से नोकझोंक हो गई। एसडीएम के मुआवजा दिलाए जाने के आश्वासन देने के ढाई घंटा बाद जाम खोला गया। हादसे में एक अन्य मजदूर भी घायल हो गया जिसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मजदूर साइकिलों से काम पर जा रहे थे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव निसाई निवासी भारत बाथम (45) पुत्र राधेश्याम और शीशराम बाथम (40) पुत्र अनोखेलाल और गांव गैसिंगपुर निवासी खुदाबक्श (55) पुत्र मुस्तफा थाना मऊदरवाजा के गांव जसमई दरवाजा स्थित हरीराम के ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं। रविवार तड़के तीनों लोग अपनी-अपनी साइकिलों से मजूदरी करने के लिए जा रहे थे। जब ये लोग सुबह करीब 4.30 बजे पिपरगांव चौराहा के पास से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आ रही पिकअप के चालक ने तीनों की साइकिलों में टक्कर मार दी।
हादसे के बाद चालक वाहन लेकर भाग गया। सुनसान इलाका होने से दुर्घटना के बाद तीनों मजदूर काफी देर तक तड़पते रहे। इस दौरान गांव दरौंदा निवासी अमित कुमार सुबह टहलते हुए उधर से निकले तो सड़क पर तीनों को पड़ा देखकर यूपी 100 और एंबुलेंस को सूचना देने के लिए फोन मिलाते रहे लेकिन किसी का नंबर नहीं लगा।
इसके बाद उन्होंनेे आसपास के गांव वालों को सूचना दी। देखते ही देखते वहां पर आसपास गांव के तमाम लोग आ गए। तब तक शीशराम और भारत की मौत हो चुकी थी। एंबुलेंस के पहुंचने पर खुदाबक्श को मोहम्मदाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे लोहिया अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया।
भारत का भाई सुदामा बाथम ट्रक की चेचिस लेकर पहुंचा और उसने सड़क के बीच खड़ा कर बरेली-इटावा हाईवे पर जाम लगा दिया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। सूचना पर सीओ उमेश शर्मा, प्रभारी कोतवाल जितेंद्र यादव फोर्स के साथ घटनास्थल पर आ गए। पुलिस ने लोगों को समझाया लेकिन जाम खुलवाने में विफल रही। इस दौरान ग्रामीणों की सीओ से तीखी नोकझोंक हो गई।
ग्रामीणों का कहना था कि था कि जब तक डीएम और क्षेत्रीय विधायक नहीं आएंगे, तब तक शवों को नहीं उठाने दिया जाएगा। सीओ ने इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी। इसके बाद आसपास थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।
एसडीएम सदर रमेशचंद्र यादव भी पहुंच गए। एसडीएम सदर ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता के साथ ही पट्टे की जमीन दिलाने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर ढाई घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए। आनन-फानन में शवों को पोस्टमार्ट के लिए भेजा गया। भारत के भाई रामनरेश ने अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसडीएम सदर रमेशचंद्र यादव ने बताया कि शीशराम के पास ढाई बीघा जमीन है इसलिए उसे किसान दुर्घटना योजना के तहत पांच लाख रुपये, पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये और पट्टे की जमीन दिलाई जाएगी। भारत के पास जमीन न होने के कारण मुख्यमंत्री कोष से 2 लाख रुपये और पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये के साथ ही पट्टे की जमीन दिलाए जाएगी। घायल को भी पट्टे की जमीन दिलाई जाएगी।
दुर्घटना में दो मजदूरों की मौत होने की सूचना मिलने पर सीओ उमेश शर्मा, प्रभारी कोतवाल जितेंद्र यादव, कमालगंज एसओ रजनेश सिंह चौहान, जहानगंज एसओ नरेंद्र गौतम, सीओ सिटी आलोक सिंह, तहसीलदार अशोक चौधरी के साथ ही लेखपाल भी मौके पर आ गए। भारी फोर्स के कारण घटनास्थल पर छावनी का सा माहौल हो गया। मृतक की पत्नी मीरा देवी का रो रोकर बुरा हाल हो गया था। परिवार के लोगों ने बताया कि भारत के एक बेटा आकाश, विकास और बेटी गीता, संगीता हैं। बेटियाें की शादी हो चुकी है। उधर, शीशराम की पत्नी निर्मला देवी शव को देखकर अचेत हो गई। परिजनों ने बताया कि शीशराम का एक बेटा करन और बेटी कुंती देवी है। बेटी की शादी हो गई।