फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: बारिश से बढ़ा आलू और सरसों की फसल पर रोग का खतरा

Thu, 16 Jan 2025 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। मौसम के करवट बदलने से आलू में झुलसा व सरसों में माहूं लगने की आशंका बढ़ रही है। इससे बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को फसल में दवा का छिड़काव करने की सलाह दी है।
विज्ञापन


कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. अभिमन्यु यादव ने बताया कि 18 जनवरी तक कोहरा के साथ बादल छाए रहने व हल्की बारिश की संभावना है। इससे आलू, सरसों की फसलों को नुकसान हो सकता है। आलू में झुलसा रोग बढ़ने, सरसों की फसल पुष्प व फली बनने में नुकसान हो सकता है। मिर्च एवं टमाटर जैसी फसल में विषाणु रोग बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि आलू में कुछ दिन के लिए नाइट्रोजन उर्वरकों का छिड़काव रोक दें। पिछैती झुलसा रोग आने पर खेत में आवागमन कम करें। आलू व टमाटर की फसल में झुलसा व अन्य फफूंद जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए मैंकोजेब 0.25 प्रतिशत या मैंकोजेब एवं कार्बेन्डाजिम मिश्रण 0.2 प्रतिशत या कापर आक्सीक्लोराइड 0.3 प्रतिशत या एजोक्सिस्ट्रोबिन के 0.1 प्रतिशत घोल का छिड़काव करना चाहिए।
विज्ञापन

पिछैती झुलसा के लक्षण दिखते ही साइमोक्सेनिल़ या फिनामिडोन या डाइमेथोमार्फ के साथ मैंकोजेब के मिश्रण वाली दवा जैसे सुदात्सू फंजीसाइड, कर्जेट, सेक्टिन या एक्रोवेट के 0.3 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें।
सरसों, लहसुन, प्याज, टमाटर, मिर्च, केले में, आलू व अन्य सब्जियों में सफेद मक्खी, लीफहॉपर, व माहूं आदि के प्रबंधन व विषाणु रोगों का प्रसार रोकने के लिए पांच प्रतिशत नीम पत्ती सत या 0.5 प्रतिशत नीम तेल का छिड़काव करें। अथवा समस्या की उग्रता में इमिडाक्लोप्रिड 0.03 प्रतिशत घोल या लैम्डासाइहैलोथ्रिल 2.5 प्रतिशत ई.सी. 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
मटर, सरसों, लहसुन, प्याज, गेहूं व आलू आदि की फसल में पत्ती धब्बा व अन्य फफूंद जनित बीमारियों के लिए मैंकोजेब 0.25 प्रतिशत अथवा मैंकोजेब एवं कार्बेन्डाजिम के मिश्रण का 0.2 प्रतिशत घोल का छिड़काव किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें