फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: शहर में 11 जर्जर इमारतों से हादसे की आशंका

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। नगर पालिका क्षेत्र में 11 पुरानी और जर्जर इमारतें बारिश के मौसम में बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इनमें से अधिकांश भवन घनी बस्तियों और मुख्यमार्गों के किनारे स्थित हैं। प्रशासन ने इन्हें गिराने के लिए कई बार नोटिस दिए हैं, पर अदालती विवादों के कारण कार्रवाई रुकी है।
विज्ञापन

हाल ही में किराना बाजार में एक 200 साल पुरानी इमारत की छत बृहस्पतिवार रात भरभरा कर गिर गई। यह घटना देर रात हुई, जिससे सड़क पर सन्नाटा था और कोई हताहत नहीं हुआ। शनिवार दोपहर को उसी इमारत की बाहरी दो मंजिला दीवार भी बेहद जर्जर हालत में खड़ी दिखी। यदि यह दीवार दिन में गिरती, तो मुख्यमार्ग पर भीड़ से बड़ा हादसा हो सकता था। नगर पालिका के रिकॉर्ड में 11 इमारतें 100 साल से अधिक पुरानी हैं। इनकी बेशकीमती जमीन पर कई पक्षों के बीच स्वामित्व विवाद चल रहा है। अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मालिकों को नोटिस दिए गए हैं, पर विवाद से कार्रवाई रुकी है। उन्होंने कहा कि हादसे टालने के लिए कुछ उपाय किए जाएंगे।
प्रमुख खतरनाक स्थल
मोहल्ला नुनहाई में एक तीन मंजिला इमारत जर्जर हालत में खड़ी है, जिसकी दीवारें टूटकर गिरती रहती हैं। यह 40 फीट से अधिक ऊंची इमारत घनी आबादी वाले क्षेत्र में है। फतेहगढ़ में कानपुर रोड पर बीएलएम हॉस्पिटल के सामने भी एक इमारत बेहद जर्जर है। इसका छज्जा काफी हद तक लटक रहा है। यहां फुटपाथ पर दुकानें और अस्पताल के कारण दिनभर भीड़ रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी है।
विज्ञापन

प्रशासन की चुनौती
नगर पालिका और जिला प्रशासन ने इन इमारतों को गिराने के लिए कई बार आदेश जारी किए हैं। लेकिन अदालती विवादों और स्वामित्व के दावों के कारण कोई भी भवन गिराया नहीं जा सका है। अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने विवादों को कार्रवाई में मुख्य बाधा बताया है। उन्होंने कहा कि यही इमारतें किसी दिन बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं। प्रशासन संभावित हादसों को रोकने के लिए उपाय करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें