फर्रुखाबाद। रिवैंप्ड योजना में शहर की छह माह में लक्ष्य के 2.5 प्रतिशत भी बंच केबल नहीं बदली जा सकी। आए दिन फाॅल्ट से जर्जर बंच केबलों में आग लग रही है। काम की धीमी गति से बिजली व्यवस्था बदहाल है।
जनपद में 145 करोड़ रुपये से रिवैंप्ड योजना के तहत काम प्रस्तावित है। इसके लिए दिसंबर 2022 में कोलकाता की कार्यदायी संस्था लुमिनो को काम सौंपा गया है। छह माह बीतने के बावजूद अभी तक काम तेजी से शुरू नहीं हो सका है। अधिकारियों का कहना है कि कार्यदायी संस्था के पास पर्याप्त टीमें ही नहीं हैं। इससे काम धीमी गति से चल रहा है। हालात यह हैं कि शहर के मोहल्लों में जर्जर बंच केबलों से बिजली चोरी हो रही है। वहीं फाल्ट से फीडरों की बिजली गुल होने से गर्मी में उपभोक्ता परेशान हैं। शहर में करीब 300 किमी बंच केबल बदली जानी है। अब तक 15 स्थानों पर मात्र 7.47 किमी ही बंच केबल बदली जा सकी है। फीडरों पर जर्जर बंच केबल में दिन भर फाॅल्ट से उपभोक्ताओं के साथ बिजली कर्मचारी भी परेशान हैं। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप रहा है। इसके अलावा ग्रामीण खंड में 20.199 किमी व कायमगंज डिवीजन में 9.135 किमी बंच केबल बदली जा सकी है। पूरे जनपद में करीब 1700 किमी बंच केबल बदलने का काम प्रस्तावित है। इसके सापेक्ष अब तक मात्र 36.804 किमी ही बदली जा सकी है। इसके अलावा 1185 खंभे लगाए गए हैं।
अधीक्षण अभियंता विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि रिवैंप्ड योजना का काम धीमी गति से चलने पर कार्यदायी संस्था को टीमें बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त टीमें न लगाए जाने से काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। इसके लिए चेतावनी भी दी गई है।