फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला अंडियाना में रात के अंधेरे में छह फीट गहरे नाले की खोदाई करने से पानी की पाइपलाइनें टूट गईं। इससे लगभग 250 घरों की जलापूर्ति बंद हो गई। मकानों की नींव खुलने से उनके धराशायी होने का अंदेशा बढ़ गया है। पालिकाध्यक्ष से शिकायत के बाद भी संतोषजनक जवाब न मिलने से लोगों में आक्रोश है।
नगर पालिका परिषद ने अंडियाना स्थित कब्रिस्तान से रेलवे लाइन पुलिया तक पिछले वर्ष नाला और सड़क का निर्माण कराया था। मोहल्ले वालों के विरोध के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार ने सड़क व नाला काफी नीचे बना दिया। लिहाजा करीब 150 मीटर दूरी तक जलभराव शुरू हो गया। लोगों के आंदोलन के बाद डीएम की फटकार पर पालिका ने दोबारा चार फीट ऊंचा करके मार्ग निर्माण शुरू करवा दिया। सात दिन पूर्व हुई मूसलाधार बारिश से अल्हानगर की गलियों और घरों में दो-दो फीट जलभराव हो गया। बारिश के दौरान इस पानी को अंडियाना होकर रामलीला गड्ढा में पहुंचाने की मंशा से सोमवार रात नगर पालिका ने पोकलैंड मशीन से मुख्यमार्ग पर मकानों के किनारे बने नाले को छह फीट गहरा खोदवा दिया। इससे छह गलियों में बने करीब 250 मकानों को जाने वाली जलापूर्ति की पाइप लाइनें भी टूट गईं। नाला खुदाई से कई मकानों की नींव दिखने लगी। तेज बारिश में मकानों के गिरने की आशंका सताने लगी। परेशान मोहल्ले को लोगों ने पालिकाध्यक्ष के आवास पर जाकर शिकायत की। संतोषजनक जवाब न मिलने मोहल्लेवासी लौट आए।
नगर पालिका के जलकल विभाग ने चार टीमें लगाकर मुख्य लाइनों का सामान मंगवाकर मरम्मत का काम शुरू करवा दिया। मगर 50 से अधिक घरों के कनेक्शन वाले पाइप भी टूट गए हैं। इसे पालिका कर्मी सही नहीं कर रहे हैं। लोग खुद के खर्चे पर कनेक्शन जुड़वा रहे हैं।
मोहल्ले के बुजुर्ग केशव श्रीवास्तव ने बताया कि रातों रात नाला खोद दिया गया। पांच दिन बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ। पाइपलाइनें भी टूट गई हैं। बस्ती में अधिकांश लोगों के घरों में सबमर्सिबल नहीं हैं। चार दिन से पानी के लिए लोग तरस रहे हैं।
वार्ड पांच से सभासद प्रत्याशी रहे राजेश शुक्ला ने बताया कि वह पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल के आवास पर मोहल्ले वालों के साथ गए थे। उनके पति मनोज अग्रवाल ने कहा कि वह शुक्रवार को अधिकारियों को भेज कर जांच कराएंगे। फिलहाल बजट नहीं है।
अनूप कुमार दुबे ने बताया कि एक बार में इतना लंबा नाला खोदना गलत है। घरों की सीढियां तोड़ दी हैं। पाइप उखाड़ दिए। पालिका की मनमानी के कारण लोगों के आने-जाने का रास्ता भी नहीं रहा। दुकानें भी ठप हो गईं।
हिमांशु दुबे ने बताया कि नाला खोदने से पहले लोगों के नुकसान का ध्यान रखना चाहिए। पालिकाध्यक्ष के पति कह रहे नाला खोदाई की जानकारी ही नहीं है। यदि अधिक बारिश हुई, तो कुछ मकानों के गिरने की आशंका बनी हुई है।
पालिका के जलकल विभाग के जेई गौरव मिश्रा ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत के लिए सामान मंगवाकर काम शुरू करवा दिया है। शुक्रवार शाम तक पेयजलापूर्ति शुरू करवा दी जाएगी।