फर्रुखाबाद। जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के पूर्व प्रधानाचार्य ने सेवानिवृत्त होने के दो माह बाद कॉलेज के एमडीएम खाते से 1.40 लाख रुपये निकाल लिए।
ये बात प्रधानाचार्य द्वारा सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य से पास बुक लेकर बैंक में एंट्री कराने पर सामने आई। प्रधानाचार्य ने पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रबंधक को पत्र लिखा है।
उधर बीएसए ने छात्र-छात्राओं के खातों में कन्वर्जन कास्ट न भेजने के मामले में नगर शिक्षा अधिकारी को जांच दी है। एमडीएम प्रभारी बीईओ वेगीश गोयल ने 9 दिसंबर को जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में छात्रों के खातों में कन्वर्जन कास्ट भेजे जाने की जांच की थी।
यहां छात्र-छात्राओं के खाते में न तो कन्वर्जन कास्ट भेजी गई और न उनको खाद्यान्न कोटेदार से दिलाया गया था। प्रभारी प्रधानाचार्य नीरज कुमार ने एक साल से कॉलेज के एमडीएम खाते में धन न आने की बात कही और पासबुक दिखाई।
बीईओ ने कार्यालय के अभिलेखों से कॉलेज के एमडीएम खाते का मिलान किया तो उसमें दूसरा खाता नंबर लिखा था। इसके बाद छात्र-छात्राओं के खातों में कन्वर्जन कास्ट न भेजे जाने को लेकर वर्तमान प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई करने की बीईओ ने बीएसए को रिपोर्ट भेज दी।
इसका पता चलने पर प्रभारी प्रधानाचार्य नीरज कुमार ने कॉलेज प्रबंधक को पत्र लिखा कि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ने एमडीएम खाते की पासबुक चार्ज के दौरान नहीं दी थी।
10 दिसंबर को सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के घर से पास बुक लेकर बैंक में एंट्री कराई तो पता चला कि उसमें एक साल से लगातार एमडीएम का धन आ रहा है।
पूर्व प्रधानाचार्य ने सेवानिवृत्त होने के दो माह बाद एमडीएम खाते से 1.40 लाख रुपये निकाल लिए हैं जो गबन की श्रेणी में आता है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य से धनराशि की रिकवरी कर कार्रवाई की जाए।
बीएसए लालजी यादव ने बताया कि कॉलेज में कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों के खाते में कन्वर्जन कास्ट नहीं भेजी गई है। पूरे प्रकरण की जांच नगर शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।