सेवानिवृत्त दो दरोगाओं ने एक गरीब मजदूर का 50 साल पुराना आशियाना गुरुवार को उजाड़ दिया। मजदूर की पत्नी ने विरोध जताया तो उसकी भी पिटाई की दी। थाना पुलिस दोनों को थाने ले आई पीड़ित को थाने लाने का विरोध जनता में मुखर हो रहा है।
थाना कंपिल के गांव गूजरपुर में 50 साल से राकेश अपना आशियाना बनाकर विधवा मां शकुंतला और पत्नी बीना के साथ रह रहा था। गांव में ही मजदूरी कर वह अपना परिवार पाल रहा था। गुरुवार को सुबह गांव के ही रिटायर्ड दरोगा रामप्रकाश राठौर व रामवीर सिंह अपने साथियों के साथ उसके झोपड़ी पर पहुंचे और उसका आशियाना उजाड़ दिया। इन लोगों का उसकी पत्नी बीना ने विरोध किया। आरोप है कि दोनों उसे उठा ले गए और मारापीटा। घटना की सूचना पर ग्रामीण इकट्ठे हो गए। करीब 12 बजे पहुंची कंपिल पुलिस रामप्रकाश और राकेश को थाने ले आई।
पुलिस की इस कार्रवाई से गांव वालों में आक्रोश है। गांव वालों का कहना है कि पीड़ित को ही पुलिस उठा ले गई है। उसे न्याय मिलने की जगह पुलिस जेल भेज रही है। इस संबंध में जब कंपिल के थानाध्यक्ष श्रीकांत यादव ने बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि भूमि विवाद का मामला है। दोनों ही व्यक्ति पारिवारिक हैं। दोनों को जेल भेजा जा रहा है। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक दोनों थाने में बैठे हुए थे।