शमसाबाद खंड शिक्षा अधिकारी बेगीश गोयल ने सात शिक्षक, एक शिक्षामित्र, एक सेवक व दो अनुदेशक का वेतन रोकने के लिए बीएसए को रिपोर्ट भेजी है। इसमें दो शिक्षकों पर नशे की हालत में विद्यालय आने का आरोप है। इनको विद्यालय से हटाने की भी संस्तुति की है।
खंड शिक्षा अधिकारी बेगीश गोयल ने 29 जनवरी को प्राथमिक विद्यालय रूपपुर मंगलीपुर का निरीक्षण किया था। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक शिव भगत सिंह, सहायक अध्यापक पूनम राजपूत और शिक्षामित्र विजय कुमार अनुपस्थित मिले थे। विद्यालय में पंजीकृत 58 बच्चों में से 24 उपस्थित थे। विद्यालय की रंगाई पुताई भी नहीं कराई गई थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय रूपपुर मंगलीपुर के निरीक्षण में सहायक अध्यापक मनीष कुमार अनुपस्थित मिले। गांव के लोगों ने सहायक अध्यापक पर विद्यालय न आने का आरोप लगाया था। इसकी जांच में पुष्टि हुई। बीईओ ने अनुपस्थित शिक्षक और शिक्षामित्रों का जनवरी का वेतन रोकने की रिपोर्ट दी है।
वहीं, पूूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला कलार में चार फरवरी को बीईओ ने निरीक्षण किया। इसमें पंजीकृत 95 बच्चों में से एक छात्र उपस्थित मिला। कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय में कोई काम नहीं कराया गया। बीईओ ने इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आरती चौहान, सहायक अध्यापक अवनीश कुमार त्रिपाठी, सेवक निर्दोश कुमार, अनुदेशक शिखा व आराधना का जनवरी का वेतन रोकने की रिपोर्ट बीएसए को भेजी है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय जानकीपुर में बीईओ ने पांच फरवरी को निरीक्षण किया था। इसमें सहायक अध्यापक प्रवीण कुमार अनुपस्थित मिले और सहायक अध्यापक अशोक कुमार उपस्थित थे। गांव के लोगों ने दोनों शिक्षकों पर नशे की हालत में विद्यालय में आने का आरोप लगाया। बीईओ ने दोनों शिक्षकों को विद्यालय से हटाने और जनवरी का वेतन रोकने की संस्तुति की है। इसी दिन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शमसाबाद और छात्रावास का निरीक्षण किया था। छात्रावास में 32 तख्तों में से 19 टूटे मिले थे। शिक्षिका अल्पना कठेरिया और अर्चना कश्यप कई माह से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। इन दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बीईओ ने बीएसए को रिपोर्ट भेजी है।