कायमगंज। फर्जी फर्म के जरिए टैक्स चोरी करने वाले मास्टर माइंड व उसके लेखाकार सहित अज्ञात के खिलाफ राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) के एसटीएफ अधिकारी ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। लेखाकार को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। इसके अलावा महाकाल के नाम से फर्जी फर्म प्रकाश में आई है।
जीएसटी (एसटीएफ) अपर आयुक्त लखनऊ अरविंद कुमार के नेतृत्व में गुरुवार सुबह नगर के 14 तंबाकू व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापे मारे थे। दूसरे दिन शुक्रवार को उपायुक्त आरपी कौन्तेय के नेतृत्व में तीन टीमों ने गांव गढ़ी इज्जत खां निवासी रंजीत कुमार के नाम पर दर्ज फर्म माहेश्वरिया सप्लायर्स एंड संस की तलाश में छापा मारा। टीम को न गोदाम मिला, न कोई लेखा जोखा। रंजीत से पूछताछ हुई तो उसने खुद को मजदूर बताया और पूरे प्रकरण से अनभिज्ञता जताई। उसने कहा कि जुबैर ने उससे सुमंगला योजना का लाभ दिलाने के लिए गुड़ मंडी स्थित रामनरेश ने मिलवाया और उससे दस्तावेज ले लिए। इस पर टीम ने रामनरेश को तलाश को पकड़ लिया।
रामनरेश से टीम ने गहनता से पूछताछ की। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। छानबीन पता लगा कि जीएसटी चोरी का मास्टरमाइंड जुबैर दूसरे के नाम से फर्म बनाकर कर चोरी में लिप्त है। रंजीत के नाम से फर्म का रजिस्ट्रेशन तीन सितंबर 2021 को किया गया। इस दौरान इस फर्म से तंबाकू दिल्ली और पंजाब की फर्मों को भेजी गई।
इस मामले में जीएसटी सचल दल मथुरा के अधिकारी वीरेंद्र उपाध्याय व टीम ने मास्टरमाइंड गढ़ी निवासी जुबैर खान, गुड़ मंडी निवासी रामनरेश व अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व षड्यंत्र रचने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
जुबैर की तलाश में पुलिस सक्रिय
मास्टर माइंड जुबैर फरार है। शुक्रवार को उसकी मां भी घर पर ताला डालकर चली गई। देर रात कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जाल बिछाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने उसके मोबाइल नंबरों पता कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लोकेशन की खोज की जा रही है।
आखिर किसके खाते में आता था तंबाकू बिक्री का धन
जुबैर माहेश्वरिया फर्म से दिल्ली और पंजाब की खुद की बनाई हुई फर्जी फर्मों के नाम बिल वाउचर काटकर तंबाकू भेजता था। वहां से यह माल संबंधित व्यापारी के यहां चला जाता था। माल बिक्री में एक नंबर में फर्म को भुगतान दिखाना जरूरी है। अब सवाल यह है कि वह माल भुगतान का कि खाते के चेक से करता था। यह सब तो बैंक खातों की जांच के बाद ही खुलासा होगा।
लौट गई जीएसटी की टीम
उपायुक्त आरपी कौन्तेय ने बताया कि फिलहाल टीम की जांच पूरी हो गई है। आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर होगी। 15 करोड़ के अलावा जो माल पकड़ा गया है उसका खुलासा सोमवार के बाद किया जाएगा।
जीएसटी के स्थानीय अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
जीएसटी (एसटीएफ) के जरिए करोड़ों की टैक्स चोरी के भंडाफोड़ के बाद कुछ स्थानीय अधिकारियों पर गाज गिरने की आशंका है। टैक्स चोरी के इस खेल में उनकी संलिप्तता होनी बताई जा रही है। यह आम चर्चा है कि मास्टरमाइंड के कुछ अधिकारियों से गहरे संबंध थे। इसका खुलासा उसकी कॉल डिटेल से जल्द ही होगा।
एक व्यापारी के साथ मास्टर माइंड के वायरल हो रहे फोटो
जीएसटी चोरी के मास्टर माइंड जुबैर के फोटो और वीडियो एक व्यापारी के साथ इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हैं। यह फोटो आजकल सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहे हैं। इससे उनके संबंधों की नगर में खूब चर्चा हो रही है।