फर्रुखाबाद। नगर पालिका की ओर से छह माह पहले शहर में लगाए 20 वाटर कूलरों में एक की कीमत 8.50 लाख रुपये है। चंद महीनों में ही खराब होने के बाद जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। लिहाजा जनता को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। अमर उजाला ने जनता से जुड़ी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया, तो पालिका की नींद खुल गई। आनन-फानन में मंगलवार को कार्यदायी संस्था से मरम्मत का काम शुरू करवा दिया गया। इससे राहगीरों को ठंडा पानी मिलने की उम्मीद बंध गई है।
बिजली न होने पर भी राहगीरों को ठंडा पानी मुहैया कराने की मंशा से शहर में 20 सोलर वाटर कूलर लगाए गए थे। इन वाटर कूलरों में प्रयोग होने वाले उपकरणों की खराब गुणवत्ता के चलते चंद महीनों में ही बंद होने लगे। इससे जरूरतमंदों को फायदा मिलना बंद हो गया। पालिका ने चंद दिनों में बंद वाटर कूलरों की मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी। अमर उजाला ने जनहित में सोमवार के अंक में- छह माह में 20 में से सात वाटर कूलर खराब,पांच का हो चुका है भुगतान शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके बाद पालिका की नींद खुल गई। सख्ती के बाद कार्यदायी संस्था ने मंगलवार सुबह ही लालगेट से कादरीगेट मार्ग पर शनि मंदिर के पास के वाटर कूलर की मरम्मत शुरू करवा दी।
उसकी बोरिंग में खराबी बताई जा रही है। यही नहीं लोहिया पुरुष अस्पताल का कुछ सामान भी खोला गया है। पालिका जलकल विभाग के जेई गौरव मिश्रा ने बताया कि बिना मरम्मत के भुगतान नहीं किया जाएगा। वह खुद वाटर कूलरों का निरीक्षण कर रहे हैं। जो भी खराबी होगी उसे दूर कर दिया जाएगा।