पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा की बैठक पांचाल घाट पर हुई।
प्रदेश उपाध्यक्ष हरद्वार दुबे ने पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने की
नसीहत दी। बैठक में मंडल अध्यक्षों के अनुपस्थित रहने पर प्रदेश उपाध्यक्ष
ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव 2017 में होने वाले
विधानसभा चुनाव का रिहर्सल है।
पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर
भारतीय जनता पार्टी की बैठक बुधवार को नरायन आश्रम पांचालघाट पर हुई। बैठक
में प्रदेश उपाध्यक्ष हरद्वार दुबे ने कहा कि समाजवादी पार्टी फर्जी वोटिंग
करवाकर जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के पदों पर काबिज होना चाहती
है। चुनाव को प्रभावित करने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इसलिए वोटर
लिस्टों में फर्जी मतदाता बढ़ा दिए गए हैं। जिला पंचायत, बीडीसी
और प्रधानी के चुनाव एक साथ होने से वोटिंग में फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि पंचायत चुनाव में भाजपा के पास खोने के लिए
कुछ नहीं है। उन्होंने आह्वान किया कि पूरी ताकत से पंचायत चुनाव में
हिस्सा लें। चुनाव 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों का रिहर्सल हैं।
क्षेत्रीय प्रभारी रमाकांत ने बैठक में बुलाए गए मंडल अध्यक्षों व जिला
पंचायत के वार्ड प्रभारियों की हाजिरी ली। बैठक में 27 वाडों में से 8
अध्यक्षों के आने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बैठक में मेजर सुनील दत्त
द्विवेदी, मिथलेश अग्रवाल, सुशील
शाक्य, कुलदीप गंगवार, डा. रजनी सरीन,
सत्यपाल सिंह, रूपेश गुप्ता, दिलीप भारद्वाज, विजय गुप्ता, लालाराम शाक्य,
विमल कटियार, धीरेंद्र वर्मा, रामवीर शुक्ला, मीरा सिंह, सुमन राठौर मौजूद
रहीं। बैठक में सांसद मुकेश राजपूत , जिलाध्यक्ष दिनेश कटियार नहीं दिखे।
पार्टी की हालत ठीक नहीं, गुटबाजी हावी
पंचायत चुनाव की समीक्षा बैठक को आए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरद्वार
दुबे मीडिया से कहा कि जिले में पार्टी के हालात ठीक नहीं हैं। उन्होंने
माना की जिले में पार्टी के अंदर गुटबाजी हावी है। उन्होंने कहा कि पार्टी
के नेताओं को बैठाकर
गुटबाजी समाप्त करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने
कहा कि सूबे में जिसकी सत्ता होती है वही पंचायत चुनाव में लाभ लेता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के लिए बहुत कल्याणकारी योजनाओं को लागू
किया है। इसका पंचायत चुनाव में पार्टी को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि
प्रदेश की कानून व्यवस्था तार तार हो चुकी है। यह बात प्रदेश के डीजीपी भी
मान चुके हैं।