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Farrukhabad News: 49.63 लाख के गबन में प्रधान, जेई व सचिव से होगी वसूली

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फर्रुखाबाद। कायमगंज ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिलहा में मनरेगा के कार्यों में 49.63 लाख के गबन पाए जाने पर प्रधान, जेई व सचिव से वसूली की जाएगी। जिलाधिकारी ने इस संबंध में नोटिस जारी कर 15 दिन में साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद विधिक कार्रवाई का आदेश भी दिया है।
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ग्राम पंचायत बिलहा में वर्ष 2021-22 में मनरेगा के कार्यों में बड़े स्तर पर घपले की शिकायत पर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इसमें डीएसटीओ अतुल राठौर, बीडीओ मोहम्मद आरिफ, सहायक अभियंता डीआरडीए अमरेंद्र कुमार श्रीवास्तव शामिल थे।
कमेटी ने सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि गांव में बनाए गए 10 काऊशेड का अन्य कार्यों में उपयोग हो रहा है। किसी में गाय बंधी नहीं मिली और न ही लाभार्थी का नाम अंकित था। इसकी पत्रावली भी नहीं दी गई। इससे यह धनराशि वसूली योग्य है।
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भूमि का समतलीकरण भी प्रधान ने मनमाने तरीके से कराया है। इसके अलावा गांव से करीब पांच किमी. दूर गांव सवितापुर के पास मेन रोड से ज्ञानचंद्र के खेत तक 9,90,939 रुपये से, ज्ञानचंद्र के खेत से बालशाह के खेत तक 9,98,585 रुपये, बालशाह के खेत से कप्तान के खेत तक 9,98,418 रुपये से, कप्तान के खेत से दाताराम के खेत तक 9,97,594 रुपये व दाताराम के खेत से नरसिंह के खेत तक 9,62,277 रुपये से इंटरलॉकिंग का कार्य कराया गया।
जो प्रधान के अधिकार क्षेत्र में न होने के बावजूद मनमाने तरीके से कराए जाने से पूरी धनराशि वसूली करने योग्य है। इसके अलावा हनीफ के खेत से मने रोड तक चकरोड मिट्टी कार्य में 43,430 रुपये की और रामप्रताप के खेत से लालाराम के खेत तक मिट्टी कार्य में 5367 रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली।
कुल 49 लाख 63 हजार 455 रुपये के गबन में ग्राम प्रधान अरविंद यादव, जेई आरईडी राजीव गोयल व सचिव ग्राम विकास अधिकारी कमल बराबर के दोषी हैं।
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने तीनों को बराबर 16,54,485 रुपये के गबन का दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया है। इसमें कहा कि 15 दिन में साक्ष्यों सहित जवाब न मिलने पर वसूली के लिए विधिक कार्रवाई की जाएगी।

राज्य वित्त के कार्यों में भी 17 लाख का गबन
डीपीआरओ राजेश कुमार चौरसिया ने बताया कि राज्यवित्त के कार्यों में करीब 17 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली है। इसमें आधी धनराशि प्रधान से और शेष आधी सचिव से वसूली जाएगी। इस अवधि में किस सचिव ने अपने कार्यकाल में कितना भुगतान किया है, इसी हिसाब से रिकवरी की धनराशि निकाली जा रही है। शीघ्र ही प्रधान व सचिवों को नोटिस जारी किया जाएगा।
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