प्रदेश सरकार के नगर विकास सचिव व नोडल जीएस प्रियदर्शी सोमवार को निरीक्षण करने सीएचसी पहुंचे। वहां एक तीमारदार ने कहा कि वह ढाई माह से सीएचसी के चक्कर काट रहा है। जन्म प्रमाण पत्र देने के बदले उनसे रुपये मांगे जा रहे हैं। इस पर सचिव के तेवर सख्त हो गए और उन्होंने मामले की जांच एसडीएम से करने को कहा।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे नगर विकास सचिव, सीडीओ अपूर्वा दुबे, सीएमओ अरुण कुमार उपाध्याय, डीडीओ ओम प्रकाश पांडेय, एसडीएम अनिल कुमार के साथ सीएचसी पहुंचे। सीएचसी गेट पर सचिव ने बेतरतीब वाहन खडे़ देखकर कहा कि यहां पार्किंग की व्यवस्था कराई जाए। आगे बढ़ने पर सचिव को मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने घेर लिया और सीएचसी की कमियां बताने लगे। बताया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीन है लेकिन यहां रेडियोलाजिस्ट नहीं है। इस पर सचिव ने सीएमओ से रेडियोलाजिस्ट की आनकाल व्यवस्था करने को कहा।
इसके बाद सचिव दवा वितरण कक्ष की ओर बढ़े। वहां लाइन में लगे अनोखेलाल ने कहा कि यहां सभी मरीजों को एक जैसी दवाई दी जाती है। सचिव ने वहां खडे़ मरीजों के पर्चे देखे जिसमें दो मरीजों के पर्चों में एक जैसी दवाई लिखी मिली। इस पर सीएचसी में दवाइयों की कमी बताई गई। सचिव ने सीएमओ से कहा कि रोगी कल्याण समिति से दवा खरीद कर व्यवस्था बनानी चाहिए। सीएमओ ने व्यवस्था करने को कहा। गांव सुल्तानपुर पलनापुर निवासी राजेंद्र प्रसाद के पर्चे में लिखा आई ड्राप नहीं मिला। मोहल्ला बगिया सोहनलाल की विनीता मिश्रा ने कहा कि एक साल से अस्पताल की दवाई खा रहे थे अभी तक चिकनगुनिया की वजह से पैरों का दर्द नहीं गया। सचिव ने चिकित्साधीक्षक को निर्देशित किया। नेत्र परीक्षण कक्ष में आरवीएस के तहत नि:शुल्क मिलने वाले चश्मों के बारे में पूछताछ की। नेत्र परीक्षण अधिकारी आरके चतुर्वेदी ने कहा कि चश्मे बांटे जाते हैं। दंत चिकित्सक कक्ष में एयर रोटर प्वाइंट खराब होने पर नाराजगी जाहिर की। जब सचिव शौचालय की तरफ पहुंचे तो बदबू से वह ज्यादा देर वहां ठहर नहीं पाए और सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा।
महिला शौचालय में ताला लगा होने पर नाराजगी जताते हुए खुलवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने डॉक्टर कक्ष, महिला डॉक्टर चिकित्सा कक्ष, काउंसलर कक्ष आदि का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सचिव ने प्रसूताओं को मिलने वाले भोजन, दूध, फल आदि के संबंध में जानकारी ली। इस पर कहा गया कि फल कभी कभी मिलते हैं।
पूर्व लेखाकार से हैंडओवर कराए अभिलेख
कायमगंज। नगर विकास सचिव नगर पालिका का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां एक अलमारी में अभिलेख बंद पाए गए। बताया गया कि पूर्व लेखाकार अभिलेख बंद कर चले गए। उनके खिलाफ 42 नियुक्तियों के मामले में लोकायुक्त से जांच भी हो रही है। इस पर सचिव ने ईओ केएन रावत से नाराजगी व्यक्त की और दस दिन में अभिलेख मौजूदा लेखाकार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नए वाहनाें की खरीद के संबंध में जानकारी की। स्टोर रूम को खुलवा कर देखा। उसके बाद सचिव ने गृहकर व जलकर संबंधित अभिलेखों को देखा। वहीं, दाखिल खारिज के अभिलेख देखे और संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिए।