संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जिले में एएनएम की मनमानी तैनाती से शासन का महत्वाकांक्षी अभियान मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण अभियान प्रदेश में 74वें पायदान पर पहुंच गया है। एएनएम सत्र छोड़कर समय से पहले ही घर चली जातीं। निरीक्षण के दौरान उपकेंद्र बंद मिल रहे हैं।
जनपद में शासन से 97 एएनएम की नियुक्ति की गई। इससे कुल 234 पदों के सापेक्ष 235 एएनएम उपलब्ध हैं। जून में 64 एएनएम की तैनाती के 15 दिन बाद ही खेल के चलते 14 एएनएम स्थानांतरित कर दी गईं। जुलाई में शासन से 33 एएनएम मिलीं तो सेटिंग के चलते तैनाती दूसरे दिन आदेश बदलकर 10 एएनएम को मनमाने उपकेंद्र दे दिए गए।
इससे शहर व सीएचसी बरौन में पदों के सापेक्ष एएनएम अधिक तैनात हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 19 स्वास्थ्य उपकेंद्र अभी भी एएनएम विहीन हैं। सात अगस्त से 12 अगस्त तक मिशन इंद्रधनुष अभियान का पहला चरण चल रहा है। अधिकांश एएनएम मनमानी ड्यूटी कर टीकाकरण में पूरा समय नहीं दे रही हैं जबकि कई एएनएम ड्यूटी से गायब हो जाती हैं। एएनएम की मनमानी ड्यूटी का परिणाम यह है कि टीकाकरण में जनपद प्रदेश में नीचे से दूसरे स्थान पर चल रहा है।
एएनएम के निलंबन की संस्तुति
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फर्रुखाबाद। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने बताया कि वह प्रतिदिन निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकांश सत्र दो बजे के बाद बंद मिलते हैं। शुक्रवार को वह सीएचसी बरौन में 3.30 बजे सत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। इससे पहले ही एएनएम मंजू गायब थीं। उपकेंद्र पर ताला लगा था जबकि वह चार बजे तक टीकाकरण के पहले ही निर्देश दे चुके थे। एएनएम ने मनमाने ढंग से सत्र को बंद कर महत्वपूर्ण अभियान को विफल करने का प्रयास किया है। इससे उन्होंने एएनएम के निलंबन की संस्तुति की है। इसके अलावा टीकाकरण में लापरवाही करने वाली एएनएम के वेतन काटने के आदेश दिए हैं।