फर्रुखाबाद। राम-रावण के बीच क्रिश्चियन इंटर कालेज ग्राउंड पर हुए भीषण युद्ध के बाद जैसे ही भगवान श्रीरम ने रावण के नाभि में तीर मारा तो रावण धराशायी होकर जमीन पर गिर पड़ा। रावण के गिरते ही मैदान में चारों ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंज उठे। रावण का वध होते ही आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी की छटा देखते ही बन रही थी।
गुरुवार को क्रिश्चियन इंटर कालेज में दशहरा पर मेला लगा। रेलवे रोड स्थित सरस्वती भवन में श्री रामलीला मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल तिवारी और कोषाध्यक्ष लालजी टंडन स्वरूपों की आरती उतारी। इसके बाद बैलगाड़ी रथ पर राम, लक्ष्मण और हनुमान जी और घोड़े के रथ पर रावण व सीता जी सवार होकर युद्धस्थल के लिए रवाना हुए। इनके रथों के आगे घोड़ों पर सवार और पैदल राम और रावण की सेना सड़कों पर युद्ध करते हुए चल रही थी। रेलवे रोड, त्रिपोलिया चौक, नेहरू रोड, घुमना बाजार, लालदरवाजा से लेकर क्रिश्चियन कालेज ग्राउंड तक राम और रावण की सेना युद्ध करते हुए पहुंची। यहां मैदान पर राम और रावण के बीच भीषण युद्ध हुआ।
विभीषण के कहने पर जैसे ही प्रभु श्रीराम ने रावण की नाभि में तीर मारा तो रावण धराशायी होकर गिर पड़ा। रावण का वध होते ही समूचे मैदान में जय श्रीराम के उद्घोष गूंज उठे। इसके बाद मैदान पर खड़े रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के साथ ही सोने की लंका में आग लगाई गई। आग लगाते ही सोने की लंका और पुतले धूं-धूं कर जलने लगे। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी की छटा देखते ही बन रही थी। इसके बाद श्री रामलीला विविध कला केंद्र के निर्देशक मटरलाल दुबे ने स्वरूपों की आरती उतारी।
राम-रावण युद्ध में सत्यम दीक्षित ने राम, शरद मिश्र ने लक्ष्मण, बंधु दुबे ने जानकी, चंद्रप्रकाश शुक्ल ने हनुमान, चंद्रमोहन शुक्ल ने रावण, विमल बाजपेयी ने जामबंध, सुबोध ने (सुग्रीव) भूमिका निभाई। इस अवसर पर मंत्री कल्लू गुप्ता, विनोद गुप्ता, रमेश सारस्वत, निमिष टंडन, रमेश सारस्वत, बाबू सिंह गिल, अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, विमल कटियार, दिनेशचंद्र गुप्ता, गोपालकृष्ण के अलावा अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल, सीओ सिटी योगेश कुमार और तहसीलदार सदर आरपी चौधरी आदि मौजूद रहे।