संवाद न्यूज एजेंसी
कमालगंज। ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन व सामाजिक उत्थान की जली लौ गरीब परिवारों में खुशहाली रोशन कर रही है। गदनपुर देवराजपुर की रंजना इसकी वाहक बनी हैं। गांव के वाल्मीकि परिवारों की महिलाओं ने भी आर्थिक सशक्तिकरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं। दूसरे ब्लाक के गांवों में भी उनके प्रयास रंग ला रहे हैं।
ब्लाक क्षेत्र के गदनपुर देवराजपुर की रंजना के सामने पति की अल्प आय से घर के साथ ही बच्चों की अच्छी पढ़ाई की समस्या ने परेशान किया तो उन्होंने खुद स्वावलंबन की नींव खड़ी करने की ठान ली। दिसंबर 2020 में उन्होंने श्रीकृष्ण महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कर घर में ही परचून की दुकान से काम शुरू कर दिया।
गांव की नन्हीं बिटिया के पति रामअवतार वाल्मीकि का निधन हुआ तो नन्हीं को अपने नाम से आगे निकल बड़ा बनने व आगे बढ़ने का हौसला दिया। समूह में जोड़कर उन्हें बकरी पालन कराया। उषा वाल्मीकि को भी पशुपालन से जोड़ा। गांव की बेटियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए लड़कियों का विद्यालय में दाखिले की मुहिम चलाई।
सिलाई केंद्र में खिल रहे हुनर व रोजगार के फूल-
अपनी पंचायत में क्रांतिकारी प्रेरणा महिला ग्राम संगठन को आकार दिया तो अपने समूह की महिलाओं के साथ ही गांव के अन्य समूहों की महिलाओं को आगे बढ़ाने के मिशन में वह जुट गईं। झलकारीबाई समूह की किरन शंखवार का सिलाई केंद्र शुरू कराया। केंद्र में न केवल महिलाएं बल्कि पढ़ाई कर रही बेटियां भी हुनरमंद बन रहीं। कई महिलाएं सिलाई सीखने के बाद सिलाई का काम करने लगीं।
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दूसरी ग्राम पंचायतों में भी जल रही आत्मनिर्भरता की मशाल-
आंतरिक सामुदायिक रिसोर्स पर्सन(आइसीआरपी) के रूप में दूसरी ग्राम पंचायतों में उन्होंने गरीब परिवारों की महिलाओं को जागरूक कर उन्हें समूहों से जोड़ा और रोजगार शुरू कराए। बढ़पुर ब्लाक की सिरमौरा तराई, रामपुर ढपलपुर, खारबंदी नगला बजीर, सरैया सहित छह पंचायतों में ग्राम संगठन का गठन कर आजीविका मिशन को मजबूत बनाया। रंजना कहती हैं कि गांव के लोगों को दूध का वाजिव दाम मिले। इसके लिए डेरी केंद्र खोलने की रूपरेखा बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार गांव की महिलाओं को मजबूत बनाने का प्लेटफार्म दे रही है। इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाना उनका मकसद है, क्योंकि स्वावलंबन से ही गरीबों की सामाजिक मजबूती का रास्ता बनेगा।