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राममिस्टर ने चोरी कर अपराध की दुनिया में रखा कदम

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फर्रुखाबाद। शातिर हिस्ट्रीशीटर राम मिस्टर यादव ने चोरी की छिटपुट वारदातों को अंजाम देकर 27 वर्ष पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद कपूर पिता-पुत्र की हत्या कर फिरौती की रकम हड़पने के मामले में चर्चा में आया। उसके खिलाफ 37 मुकदमे कानपुर, कन्नौज में दर्ज हैं। अब वह गुरसहायगंज के व्यापारी के अपहरण के मामले में पकड़ा गया है। राम मिस्टर यादव महासभा का जिलाध्यक्ष भी रहा है।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र की चौकी सरह के गांव नगला दुर्गू निवासी राम मिस्टर यादव ने 1994 में चोरी की पहली वारदात की। इसके बाद वह चोरी, जानलेवा हमले के मुकदमों में जेल गया। 2004 में राम मिस्टर ने कर्नलगंज निवासी कपूर टाइपराइटर सेंटर के मालिक के बच्चे का अपहरण कर पांच लाख की फिरौती मांगी। फिरौती की रकम कटरी में देने गए सेंटर मालिक को राम मिस्टर ने मार डाला। रकम हड़प ली। बेटे की वह पहले की हत्या कर चुका था।
इस घटना के बाद वह मोहल्ला सिविल लाइन मड़ैया में मकान बनवाकर रहने लगा। सपा सरकार में 2016 में बरगदिया घाट निवासी कोटेदार की पत्नी की दिनदहाड़े हत्या कर डकैती की वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। इस दौरान वह यादव महासभा का जिलाध्यक्ष भी रहा।
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राम मिस्टर के खिलाफ जिले के अलावा कन्नौज, कानपुर में हत्या, डकैती, लूट, गैंगस्टर के 37 मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन ने माफिया घोषित कर गैंगस्टर में मुकदमा दर्ज कर 13 लाख से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली थी। पंचायत चुनाव में पत्नी को प्रधान का चुनाव लड़ाया था। इसमें वोटर को धमकाने के आरोप में जेल भेजा गया था। करीब एक माह पहले वह जमानत पर छूटा। अब कन्नौज के गुरसहायगंज निवासी खाद व्यापारी विकास गुप्ता के अपहरण में पकड़ा गया है।
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