फर्रुखाबाद। रमजान माह में अल्लाह की इबादत करने से सारे गुनाह माफ हो जाते हैं। जिंदगी का हर लम्हे को जरूरतमंदों की मदद में गुजार दें। सीरत कमेटी के पूर्व सेक्रेटरी हाजी नफीस हुसैन ने कहा कि रमजान समाजी और दीनी जिंदगी जीने की ट्रेनिंग का महीना हैै। यह एक माह की ट्रेनिंग साल भर काम आएगी।
पूर्व सेक्रेटरी ने कहा कि जिस तरह हम इस मुबारक माह में इबादत करते हैं, ठीक उसी तरह साल के दूसरे 11 महीनों में भी इबादत करें। रमजान में जिस तरह से हमने अपने पास से गरीबों का हिस्सा निकाला, उसी तरह 11 महीने तक भी कमजोर भाइयों के लिए फिक्रमंद रहें। कहाकि खुशी के मौके पर गरीब भाइयों को मत भूलो।
इफ्तारी का सामान खरीदने को भटकते रहे रोजेदार कोरोना कर्फ्यू के दूसरे दिन रविवार को इफ्तार करने के लिए रोजेदारों को काफी दिक्कत हुई। रोजेदार खजूर, केला, पपीता, अंगूर, तरबूज से इफ्तार करते हैं, लेकिन बाजार में कोई भी दुकान खुली न होने से सामान नहीं मिल सका। रोजेदार रफी अहमद ने कहा कि रोजा तो हम लोग पानी से भी खोल लेंगे, मगर इंसानी जिंदगी बचाना बहुत जरूरी है। सभी लोग सरकारी आदेशों का पालन करें। अगर जिंदगी रही, तो अगली बार रोजे और ईद बहुत खुशी के साथ मनाएंगे।