मेला श्री रामनगरिया की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेले की
बिजली आपूर्ति चालू होने से पूरे क्षेत्र में दीपावली जैसा वातावरण है।
मेला क्षेत्र में अभी तक करीब 40 हजार कल्पवासी डेरा डाल चुके हैं। मेले का
उद्घाटन 5 जनवरी को जिलाधिकारी करेंगे।
मेला क्षेत्र को दो भागों में
बांटा गया है। एक तरफ कल्पवासियों का स्थान आरक्षित है तो दूसरी तरफ मेला
देखने आने वाले लोगों के लिए मनोरंजन व खरीद-फरोख्त को दुकानें लगना शुरू
हो गई हैं। कल्पवास क्षेत्र में एक माह तक प्रवास के लिए साधु-संतों के
अलावा गृहस्थों का भी रात-दिन आना जारी है।
अभी तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं
हो सकी हैं। करीब 40 हजार साधु संत और कल्पवासी डेरा डाल चुके हैं। कड़ाके
की ठंड में अचानक बीमार होने वाले लोगों के लिए अभी तक स्वास्थ्य सुविधा
उपलब्ध नहीं है। मेला क्षेत्र में प्रशासन की ओर से लगाए गए करीब 300
हैंडपंपों में कई खराब हैं। प्रशासनिक इलाके में लगा हैंडपंप पानी नहीं दे
रहा है। मेला सचिव सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि 5 जनवरी को दोपहर 3 बजे
जिलाधिकारी एनकेएस चौहान मेला श्री रामनगरिया का उद्घाटन करेंगे।
नागाओं के इलाके में डेरे से विवाद
शनिवार
को मेला में कथावाचक उषा भारती के अनुयायियों ने नागा संप्रदाय के क्षेत्र
की सीमा लांघते हुए उनके क्षेत्र में भी झोपड़ी डाल दी। इससे नागा बाबा
राजा भारती भड़क गए। इनमें विवाद होने लगा। लोगों ने इसकी सूचना मेला
प्रभारी संदीप दीक्षित को दी। इनके काफी समझाने के बाद बाबा शांत हुए।
केरोसिन वितरण की मांग
नैमिषारण्य
क्षेत्र से आए दंडी संप्रदाय के महामंत्री स्वामी रामप्रकाश ने कहा कि
कल्पवास क्षेत्र में साधु संतों की साधना में कोई खलल न हो। इसके लिए
प्रशासन को पुख्ता इंतजाम करना चाहिए। जिला पूर्ति विभाग की ओर से कैंप न
लगने के कारण कल्पवासियों को 50 रुपये लीटर मिट्टी का तेल खरीदना पड़ रहा
है।
इन्हाेंने राशन की दुकान खुलवाने की मांग की। मेला क्षेत्र में हजारों
लोग आ चुके हैं लेकिन शौचालयों की अभी तक व्यवस्था नहीं कराई जा सकी है।
इस बावत मेलाधिकारी ने बताया कि शौचालय का काम चल रहा है। इसे जल्द ही पूरा
कर लिया जाएगा।