परिषदीय स्कूलों की चल रही वार्षिक परीक्षा के नाम पर खानापूरी हो रही है।
नौनिहाल परीक्षा देने स्कूल नहीं आते तो शिक्षक भी समय से नहीं पहुंचते।
यह हाल शुक्रवार को शमसाबाद क्षेत्र के स्कूलों में दिखाई दिया। समय से
परीक्षा शुरू नहीं कराई र्गइं। ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र लिख कर शिक्षक
बैठ गए। नौनिहाल किताबों या दूसरे की कापी देख कर उत्तर लिखते रहे।
शिक्षकाें को इससे कोई भी मतलब नहीं रहा।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, अमलैया आशानंद
सुबह
10 बजे स्कूल आए बच्चे मैदान में शोर मचा रहे थे। 10.40 बजे तक शिक्षक
नहीं आए। रसोइया मैदान में बैठी थी। वह बच्चों को शांत कर रही थी। छात्रों
ने बताया कि अभी तक शिक्षक नहीं आए हैं। यहां 11 बजे परीक्षा प्रारंभ हुई।
प्रधानाध्यापक नरेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया कि वह एनपीआरसी हैं। विभागीय
कार्य से बीआरसी गए थे। शमसाबाद क्षेत्र में 11 बजे से परीक्षा कराने के
आदेश है। वह समय से स्कूल आए और परीक्षा प्रारंभ करा दी थी। बच्चो की
संख्या कम रही।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, रोशनाबाद
इस विद्यालय
में पंजीकृत 98 बच्चों में 89 बच्चे परीक्षा देने आए। हेडमास्टर मुस्तफा
खां ने बाजार से प्रश्नपत्र और कापियां मंगवाकर बच्चों को परीक्षा के लिए
दीं। पेपर पाने के बाद बच्चो ने एक दूसरे की नकल कर परीक्षा दी।
प्राथमिक विद्यालय, हजियापुर
इस
विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक 27 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 20
बच्चे परीक्षा देने के लिए स्कूल आए। ब्लैक बोर्ड पर पेपर लिखा गया।
प्रधानाध्यापक तृप्ति गंगवार के अवकाश पर होने के कारण शिक्षा मित्र अलका
गंगवार ने परीक्षा कराई।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दलेलगंज
इस
विद्यालय में बच्चों के पंजीकरण की स्थिति खराब है। यहां 44 बच्चे पंजीकृत
हैं। इसमें 37 बच्चे परीक्षा देने उपस्थित हुए और सात बच्चों ने परीक्षा
छोड़ दी। यहां भी परीक्षा के नाम पर खानापूरी की गई। प्रधानाध्यापिका
कमलादेवी ने बताया कि बच्चों को घर से बुलवाया गया था।
222 में 22 बच्चे परीक्षा देते मिले
प्राथमिक विद्यालय अखमेलपुर में 222 बच्चे पंजीकृत हैं। लेकिन शुक्रवार को
मात्र 22 बच्चे ही परीक्षा देते मिले। प्रधानाध्यापिका मीना देवी ने बताया
कि पहली पाली में 22 बच्चों की परीक्षा है। दूसरी पाली में शेष बच्चों की
परीक्षा होगी।उधर, प्राथमिक विद्यालय कनकौली में 60 बच्चे पंजीकृत हैं
लेकिन मात्र 20 ही परीक्षा दे रहे थे।
अंग्रेजी की परीक्षा थी और बच्चे
किताब खोलकर नकल कर रहे थे। इसके साथ ही बच्चे एक-दूसरे की कापियों को
देखकर प्रश्नपत्र हल करने में लगे थे। अमर उजाला संवाददाता को देख सहायक
अध्यापिका अनीता देवी ने किताब हटाने के साथ ही बच्चों को दूर-दूर बैठाया।