अमृतपुर। ब्लाक राजेपुर क्षेत्र में करीब पांच सौ से अधिक लोग अन्य राज्यों से लौट कर अपने गांव आए थे। इन सभी को अलग-अलग विद्यालयों में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया था। 14 दिन का क्वारंटीन समय पूरा होने के बाद ग्रामीणों की जांच नहीं कराई गई। सभी ग्रामीण क्वारंटीन सेंटरों से अपने घर चले गए। नियमानुसार सभी की दोबारा जांच होनी चाहिए। पुष्टि के बाद ही उन्हें जाने की अनुमति होती है।
ब्लाक राजेपुर क्षेत्र के गांव करनपुरदत्त, लभेड़ा, अलादादपुर भटौली, नयागांव, भुवनपुर, ताजपुर, रतनपुर पमारान, नगला हूसा, पिथनापुर, अमृतपुर कसबा समेत अन्य गांव के करीब पांच सौ से अधिक लोग अन्य राज्यों में मजदूरी और प्राइवेट नौकरी करते हैं। प्रशासन ने इन सभी लोगों को 14 दिन के लिए अलग-अलग स्कूलों में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों पर रखा था। 14 दिन का समय पूरा होने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इनकी जांच नहीं कराई। क्वारंटीन सेंटरों पर ठहराए गए सभी ग्रामीण अपने-अपने घर चले गए। जबकि शासन के आदेश हैं कि क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन का समय पूरा करने वालों की जांच की जाए, इसके बाद उनको घर भेजा जाए। यहां किसी की जांच नहीं हुई और सभी अपने घर चले गए और परिवार के साथ रहने लगे हैं। एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि 14 दिन क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले ग्रामीणों को कोई परेशान नहीं हुई। किसी में कोरोना वायरस के लक्षण भी नहीं दिखाई दिए। इस कारण जांच करानी जरूरी नहीं है।