फोटो-42 गुरुग्राम देवी मंदिर। संवाद
फोटो-43 पुठरी स्थित शिव मंदिर। संवाद
- दोनों मंदिरों में 1.89 करोड़ से पर्यटन विभाग कराएगा विकास, पहली किस्त के 95 लाख मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जनपद के प्राचीन शिव मंदिर पुठरी व गुरुग्राम देवी मंदिर अब पर्यटन के नक्शे में चमकेंगे। दोनों मंदिरों में 1.89 करोड़ से पर्यटन विभाग विकास कार्य कराएगा। इसके लिए शासन से पहली किस्त के रूप में 95 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। इससे शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
शहर में महाभारतकालीन गुरुग्राम देवी मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां स्थानीय के अलावा अन्य जिलों के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में गुरु द्रोणाचार्य ने देवी मां की प्रतिमा स्थापित की थी। मंदिर से करीब 700 मीटर की दूरी पर भीम का गदा जमीन में दबा होने की बात भी कही जाती है। लोगों को कहना है कि उस गदा का कुछ हिस्सा आज भी दिखाई देता है। इस देवी मंदिर में नवरात्र के दिनों में मेला लगता है। जिलाधिकारी के प्रस्ताव पर शासन ने मंदिर का पर्यटन विकास स्वीकृत किया था। 97.93 लाख रुपये की लागत से मंदिर में पर्यटन विकास कराया जाएगा। निर्माण के लिए 49 लाख रुपये आवंटित कर दिए गए।
पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इसमें करीब 70 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण होगा। इससे यहां आने वाले भक्तों को विश्राम और आयोजन करने के लिए पर्याप्त स्थान मुहैया हाेगा। इसके अलावा टाॅयलेट ब्लॉक, पेवर ब्रिक, साइनेज आदि से मंदिर का सुंदरीकरण कराया जाएगा। सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।
वहीं नवाबगंज क्षेत्र के गांव पुठरी स्थित शिव मंदिर भी प्राचीन होने से आस्था का केंद्र है। यहां सावन में कई जनपदों से शिव भक्त कांवड़ चढ़ाने आते हैं। सावन में यहां मेला लगता है। इसके पर्यटन विकास की शासन से मंजूरी मिल गई है। 91.71 लाख से मंदिर में विकास कार्य व सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसके लिए 46 लाख लाख रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। यहां भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 70 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण होगा। साथ ही सुंदरीकरण के अन्य कार्य होंगे।
नौ माह में पूरा होगा निर्माण कार्य
पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि शासन से निर्माण कार्य की मंजूरी मिलने और धन आवंटन के संबंध में उन्हें पत्र प्राप्त हो गया है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया के जरिए कार्यदायी संस्था का चयन कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। निर्माण एजेंसी का चयन होने के साथ नौ माह में निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।