फर्रुखाबाद। शराब ठेके पर आने वाले अराजकतत्वों से परेशान महिला, पति व परिजनों के साथ मंगलवार को कलक्ट्रेट में आत्मदाह करने पहुंच गई। अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया। महिला पुलिस कर्मियों ने पकड़कर समझाया और उसे बचाया। देर शाम अफसरों में महिला के घर के बाहर बेरिकेडिंग कराई। साथ कार्रवाई के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी है।
फतेहगढ़ के जेएनवी रोड निवासी महिला दीक्षा अपने पति आयुष चतुर्वेदी, सास व देवर के साथ कलक्ट्रेट पहुंची। कहा कि उनके घर के पास देसी शराब का ठेका है। शराब पीकर अराजकतत्व आए दिन परेशान करते हैं। एक व्यक्ति 12 अप्रैल की देर शाम वह अपने ढाई वर्षीय बेटे के साथ घर पर थीं। इसी दौरान अनजान व्यक्ति ने उनके घर की घंटी बजाई और गेट खोलने का दबाव बनाया। खतरा भांपते हुए दीक्षा ने गेट नहीं खोला। उन्होंने कहा कि वह कई बार शराब ठेका का स्थान बदलने की मांग कर शिकायत कर चुकी हैं। कोई अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहा है। इससे वह आत्मदाह करने जा रही हैं और चल दीं। कुछ ही देर में पुलिस फोर्स बुला लिया गया।
दरोगा रक्षा सिंह व महिला आरक्षियों ने दीक्षा को पकड़ा और कार्रवाई का भरोसा देकर आत्मदाह करने से रोका। हंगामे के बीच दरोगा रक्षा सिंह की चूड़ी टूटकर कलाई में चुभ गई, इससे खून बहने लगा। जानकारी पर पहुंचे
एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति भी मौके पर पहुंच गए। आयुष चतुर्वेदी ने कहा कि नियमानुसार धार्मिक स्थल, अस्पताल व स्कूल के पास शराब का ठेका नहीं खोला जा सकता है। जबकि इस ठेके के पास ही शंभू धाम मंदिर है। ठेके पर आए दिन हंगामा होने से मंदिर आने वाले भक्तों को भी दिक्कत होती है।
देर शाम आयुष चतुर्वेदी ने बताया कि जिला आबकारी अधिकारी जीपी गुप्ता व कोतवाली प्रभारी सत्यप्रकाश मौके पर आए थे। उन्होंने देसी शराब ठेके पर उनके घर की तरफ बेरिकेडिंग कराई और कार्रवाई के लिए कुछ समय मांगा है।