कमालगंज। पांच नवंबर से तीर्थनगरी श्रृंगीरामपुर में शुरू होने वाले कार्तिक मेले की तैयारी में कई दिक्कतें हैं। रजीपुर-श्रृंगीरामपुर मार्ग गड्ढों व जलभराव से बदहाल है।
श्रृंगीरामपुर से उतरकर गंगा तट तक जाने वाला रास्ता भी खराब है। विसर्जित दुर्गा प्रतिमाओं का अब तक प्रबंधन नहीं हुआ। प्रतिमाएं व अपशिष्ट सामग्री रास्ते में पड़ी है।
कार्तिक मेला पांच नवंबर से है, इसमें मध्यप्रदेश के तीर्थयात्री चार नवंबर से ही आने लगेंगें। रजीपुर चौराहे से श्रृंगीरामपुर की सड़क पर गड्ढों व जलभराव से लोग परेशान हैं। ऐसे में तीर्थ यात्रियों को भी परेशानी होगी।
बरियानगला व सबलपुर के पास भी पानी भरा है। इसके साथ ही श्रृंगीरामपुर से गंगा की मुख्यधारा तक का रास्ता बहुत खराब है। तीर्थस्थल के बरगदिया घाट पर नव दुर्गा व गणेश महोत्सव की विसर्जित मूर्तियां आड़े-तिरछी रखी हैं। मूर्तियों को मिट्टी आदि में दबा कर प्रबंधन नहीं हुआ मूर्तियों के आसपास कूड़ा व अन्य अपशिष्ट सामग्री पड़ी है।
गंगा चार किलोमीटर दूर, दलदल भरा रास्ता
मेले की व्यवस्था से जुड़े महंत काका तिवारी ने बताया कि गंगा की धारा श्रृंगीरामपुर से चार किलोमीटर दूर चली गईं। पहले रास्ता ऊबड़खाबड़ था, अब रास्ते मे दलदल है। ऐसे में गंगा की धारा तक पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के लिए वह सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय भी गए थे।
गांव में बजरंगी घटिया के पास गंगा का थोड़ा पानी भरा है। तीर्थयात्री यदि गंगा की मुख्य धारा तक न पहुंच पाए तो यहीं पर स्नान करना पड़ेगा। खंड विकास अधिकारी त्रिलोकचंद्र शर्मा का कहना है कि ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव से इस संबंध में जानकारी कर समुचित उपायों पर काम किया जाएगा।
फोटो 11: श्रृंगीरामपुर में बरगदिया घाट पर रखी विसर्जित प्रतिमाएं व अपशिष्ट सामग्री। संवाद