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आठ प्रत्याशियों के पर्चे वापस, 61 मैदान में

Fri, 03 Feb 2017 11:10 PM IST
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
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विधान सभा के चुनाव मैदान को शुक्रवार को आठ प्रत्याशियों ने पर्चा वापस लेकर छोड़ दिया है। अब मैदान में 61 प्रत्याशी बचे हैं।
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चारों विधान सभा सीटों से चुनाव लड़ने के लिए 73 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था। एक फरवरी को पर्चों की जांच में चार प्रत्याशी पर्चा खारिज होने से मैदान से आउट हो गए। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पर्चा वापसी प्रक्रिया सुबह 11 से 3 बजे तक चली।

इसमें सदर सीट से सपा प्रत्याशी विजय सिंह के पुत्र अभिषेक, भाजपा प्रत्याशी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की पत्नी अनीता द्विवेदी, बसपा प्रत्याशी मोहम्मद उमर खां के भाई युसूफ, इकलाख और भतीजे इसलाक के अलावा रमेश चंद्र ने अपना पर्चा वापस ले लिया।
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अब सदर सीट से मैदान में 20 प्रत्याशी रह गए हैं।
भोजपुर विधान सभा सीट से सपा प्रत्याशी अरशद जमाल सिद्दीकी के विरोध में उतरे पिता जमालुद्दीन सिद्दीकी ने अपना पर्चा कर लिया। यहां अब 20 प्रत्याशी रह गए हैं। अमृतपुर विधान सभा सीट से बसपा प्रत्याशी अरुण कुमार मिश्रा की पत्नी वंदना मिश्रा ने पर्चा वापस ले लिया है।



अब इस सीट के लिए 13 प्रत्याशी मैदान में रह गए है। कायमगंज विधान सभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे किसी भी प्रत्याशी ने पर्चा वापस नहीं लिया। इस सीट के लिए 8 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है।
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फर्रुखाबाद सदर
फोटो 11 विजय सिंह
विजय सिंह (सपा-कांग्रेस)
खास- निवर्तमान निर्दल विधायक विजय सिंह तीन बार से विधायक हैं। इस बार सपा से प्रत्याशी हैं। इनकी पत्नी दमयंती सिंह पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं। सपा के परंपरागत वोटों के साथ सबका समर्थन मिलने का दावा।
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फोटो 12
मेजर सुनील दत्त द्विवेदी (भाजपा)
खास- पिछला चुनाव भी भाजपा के टिकट पर लड़े। सिर्फ 147 वोट से विजय सिंह से मात खा गए।

पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के बेटे हैं। भाजपा वोट बैंक के साथ सभी वर्गों के समर्थन का दावा।
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फोटो 13
उमर खां (बसपा)
खास- पिछला चुनाव बसपा से लड़े थे, पर हार गए थे। इसके पहले कमालगंज के ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं।

बसपा के परंपरागत दलित वोट बैंक के साथ मुसलिमों के सहयोग का दावा।
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फोटो 14
मनोज अग्रवाल (निर्दल)
खास- पूर्व एमएलसी रहे। बसपा से निकाले जाने पर निर्दल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। इनकी पत्नी वत्सला अग्रवाल पालिकाध्यक्ष हैं। शहरी इलाके समेत सभी वर्ग का वोट मिलने का दावा।
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ये भी हैं मैदान में
सुरेंद्र कुमार राष्ट्रीय लोकदल, जनार्दन दत्त पूर्ण स्वराज मंच, जयवीर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया(ए), धनंजय बहुजन मुक्ति पार्टी, श्यामश्री भारतीय शक्ति चेतना पार्टी, सर्वेश शाक्य महानदल, निर्दलीय प्रत्याशी गौरव कुमार, दीपक कुमार, मनोज कुमार, रेहाना खां, विजय सिंह, वीना कुरील, शांति स्वरूप, सुरेश, सर्वेश सिंह, हंसराम।



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अमृतपुर
फोटो 14
नरेंद्र सिंह यादव (सपा)
खास- छह बार विधायक रहे। इनके पिता राजेंद्र सिंह सात बार विधायक रहे। पिछला चुनाव सपा से लड़कर जीते थे। अखिलेश सरकार में वैकल्पिक शिक्षा एवं होमगार्ड मंत्री रहे। पार्टी के परंपरागत वोट बैंक समेत हर वर्ग के जनसमर्थन का दावा।
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फोटो 16


सुशील शाक्य (भाजपा)
खास- एक बार भाजपा के विधायक रहे। 2012 में लड़े थे, पर सपा के नरेंद्र सिंह से 21623 वोटों से हार गए थे। इनके पिता दयाराम शाक्य विधायक व पूर्व सांसद रहे। भाजपा के परंपरागत वोट बैंक के साथ हर वर्ग के वोट मिलने का दावा।

अरुण मिश्रा (बसपा)
खास- डीएन डिग्री कालेज में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। चाचा राधाकृष्ण मिश्रा हरदोई के सांडी ब्लाक में तीन बार ब्लाक प्रमुख रहे। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। बसपा के परंपरागत वोट बैंक के साथ ही सबका समर्थन मिलने का दावा।
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ये भी हैं मैदान में
वृजेंद्र सिंह राष्ट्रीय लोकदल, आसिफ मिर्जा पूर्ण स्वराज मंच, उमेश कुमार भारतीय सुभाष सेना, प्रदीप कुमार लोकदल, रघुवीर सिंह गंगवार अखिल भारत हिंदू महासभा, संजय सोमवंशी जन अधिकार मंच, पुनीत कुमार, बांकेलाल, राजीव व शिशु प्रताप सिंह निर्दलीय।
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भोजपुर

अरशद जमाल सिद्दीकी (सपा)
खास- सयुस में 2004 से पदाधिकारी हैं। पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। पिता जमालुद्दीन सिद्दीकी तीन बार विधायक रहे हैं। छोटा भाई राशिद जमाल सिद्दीकी कमालगंज से ब्लाक प्रमुख हैं। सपा के परंपरागत वोट बैंक समेत सबके समर्थन का दावा।
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नागेंद्र सिंह राठौर (भाजपा)
खास- भाजपा जिला महामंत्री, जिला उपाध्यक्ष, दुग्ध संघ के चेयरमैन रहे। 2007 में बसपा की टिकट से मोहम्मदाबाद (अब अमृतपुर) से चुनाव लड़े थे। तब सपा के नरेंद्र सिंह यादव से हार गए थे। इसके बाद भाजपा में आ गए। भाजपा के परंपरागत वोट के साथ सबका समर्थन मिलने का दावा।



नितिन सिंह जैमिनी राजपूत (बसपा)।
खास- 2002 में कांग्रेस की टिकट से भोजपुर ( तब कमालगंज) में लड़े थे पर हार गए थे। तीन साल पहले बसपा में शामिल हुए। भोजपुर विधानसभा क्षेत्र प्रभारी रहे। बसपा के परंपरागत वोट के साथ सबका समर्थन मिलने का दावा।
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ये भी हैं मैदान में
विश्राम सिंह राष्ट्रीय लोकदल, अनवर अली राष्ट्रीय व्यापी जनता पार्टी, उर्मिला लोकदल, मोहम्मद तमजीद पीस पार्टी, धर्मेंद्र सिंह पाल जन अधिकार मंच, रामतीर्थ भारतीय सुभाष सेना, विजय लक्ष्मी बहुजन मुक्ति पार्टी, श्रीनिवास पूर्ण स्वराज मंच, अरविंद, अरविंद कुमार पुत्र श्रीराम, अवनीत, एजाज अहमद, जगपाल, जलालुद्दीन, दलगंजन सिंह, रीता, शैलेंद्र सिंह निर्दल उम्मीदवार हैं।।


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कायमगंज
फोटो 21
डा. सुरभि सिंह (सपा)
खास- नवाबगंज प्रथम से जिला पंचायत सदस्य हैं। पहले भाजपा में थीं। टिकट न मिलने पर सपा में शामिल हो गईं और पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। सपा के परंपरागत वोट के साथ ही सभी जाति का वोट मिलने का दावा।
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अमर सिंह खटिक (भाजपा)
खास- एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद राजनीति में उतरे। शमसाबाद क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रहे। 2012 में विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़े थे पर सपा के अजीत कठेरिया से हार गए थे। भाजपा के परंपरागत वोटों के साथ सभी का समर्थन मिलने का दावा।
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फोटो 23
खास-
रामस्वरूप गौतम (बसपा)
खास- सेवानिवृत्त आईएएस अफसर रहे हैं। बसपा में कायमगंज विधानसभा के कोआर्डिनेटर रहे हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। बसपा के आधार वोट बैंक के साथ ही सभी जाति का वोट मिलने का दावा।
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ये भी हैं मैदान में
कामरेड हरिश्चंद्र कम्यूनिष्ट पार्टी आफ इंडिया, मनीराम जन अधिकार मंच, रामनिवास भारतीय शक्ति चेतना पार्टी, नितिन आनंद, विमला देवी निर्दल।
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