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सिविल अस्पताल में सुबह 9:30 बजे तक नहीं खुला पर्चा काउंटर

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फर्रुखाबाद। शहर के सिविल अस्पताल लिंजीगंज में सुबह 9:30 बजे तक पर्चा काउंटर तक नहीं खुलता। मनमानी ड्यूटी के चलते कर्मचारी भी डेढ़ से दो घंटे देरी से पहुंच रहे हैं। इससे 10 बजे से ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो पा रही हैं।
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सरकारी अस्पतालों में एक अप्रैल से सुबह 8 बजे से दो बजे तक ओपीडी में मरीज देखने के आदेश हैं। इसके बावजूद सिविल अस्पताल में पुराने ढर्रे पर स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। मंगलवार सुबह नौ बजे अस्पताल में आयुष चिकित्सक नवनीत गुप्ता अकेले बैठे मिले। पर्चा काउंटर व दवा वितरण कक्ष भी बंद था। सभी कर्मचारी गायब थे। समय बढ़ने के साथ कर्मचारियों का आना शुरू हुआ।
9:30 बजे काउंटर खुलने पर मरीजों के पर्चा बनना शुरू हुए। डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता, डॉ.आसमा वसीम, डॉ.आद्या सिंह व अधीक्षक डॉ.राणा प्रताप की कुर्सी खाली पड़ी थी। 10 बजे अधीक्षक ने अपने कक्ष में पहुंचकर मरीज देखना शुरू किए। दवा वितरण कक्ष में इंटर्नशिप कर रही एएनएम छात्रा भारती मरीजों को दवा बांट रही थी।
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डी फार्मा छात्र अभय सिंह व प्रियांश कक्ष के बाहर थे। दवा भंडार कक्ष प्रभारी अपर्णा यादव करीब 10:15 बजे पहुंचीं और अधीक्षक के कमरे में बैठ गईं। फिलहाल डॉक्टर व कर्मचारियों के कक्षों में इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राएं ही मौजूद दिखीं। प्रतिरक्षण कक्ष में कुर्सी खाली थी। कक्ष में एएनएम उनके इंतजार में बैठी थीं। महिला डॉक्टरों की तैनाती के बावजूद गर्भवती दिखाने के लिए घूम रही थीं। आंख की जांच करने वाला भी कोई नहीं था।
दवाओं का भी टोटा
अस्पताल में दवाइयों का भी टोटा है। सुबह 10:30 बजे से पहले दवा वितरण कक्ष न खुलने से मरीज भटकते रहते हैं। मरीजों का कहना है कि खुजली का लोशन व बच्चों के लिए जिंक टैबलेट भी नहीं मिलता है। एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए सिरिंज बाहर से मंगवाकर इंटर्नशिप कर रहे छात्र लगाते हैं।

प्रसूता बोलीं, 2100 मांगे थे, 500 रुपये में ही खुश हो गए
अस्पताल में भर्ती प्रसूता ने तड़के चार बजे बच्चे को जन्म दिया था। उसके परिजन भी मौजूद थे। पूछने पर पति ने बताया कि अस्पताल से सभी दवाइयां मिलीं। सुबह नाश्ता भी दिया गया। बेटा होने की खुशी में महिला कर्मचारी ने 2100 रुपये मांगे थे। हालांकि 500 रुपये देने में ही वह खुश हो गई। महिला वार्ड में कूलर की भी व्यवस्था नहीं थी।

नई एक्सरे मशीन डिब्बे में पैक, पुरानी में फिल्म नहीं
अस्पताल के एक्सरे कक्ष में लगी पुरानी मशीन टीवी का काम कर रही है। एक्सरे कराने वाले मरीजों को स्क्रीन पर दिखाया जाता है, लेकिन फिल्म नहीं निकलती। उसी कक्ष में नई एक्सरे मशीन करीब 20 दिन से रखी हुई शोभा बढ़ा रही है, उसे इंस्टाल तक नहीं कराया गया। इससे मरीजों को एक्सरे का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता सोमवार व बुधवार को ही मरीज देखते हैं। शेष दिन पुलिस लाइन अस्पताल में ड्यूटी रहती है। डॉ. आसमा वसीम व डॉ. आद्या सिंह अवकाश पर हैं। मैं खुद इमरजेंसी ड्यूटी के बाद आवास पर गए थे, इसलिए देरी से आए। मरीज देरी से ही आने से कर्मचारी भी लेट आते हैं। हालांकि अब ओपीडी सेवा सुबह आठ बजे से शुरू कराई जाएगी।
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- डॉ.राणा प्रताप, अधीक्षक, सिविल अस्पताल
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