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किसान आलू बेचने को तैयार नहीं

Sun, 11 Oct 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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फर्रुखाबाद। मंदी से किसान अभी भी बिक्री के लिए आलू निकासी नहीं कर रहे हैं। किसान बुआई के लिए बीज ही निकाल रहे हैं। अब तक करीब 60 फीसदी आलू की निकासी हो पाई है। इससे शीतगृह मालिकों ने राहत की सांस ली है।
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जिले में 36 हजार हेक्टेयर में आलू की बुआई हुई थी। करीब 11 हजार क्विंटल आलू की पैदावार हुई। इसमें तकरीबन 60 फीसदी आलू शीतगृहों में भंडारित किया गया। आलू के दामों में उछाल न आने से किसान इसकी ब्रिकी केे मूड में नहीं हैं। आलू का भाव अभी भी 500 रुपये क्विंटल के आसपास है। किसानों की शीतगृह स्वामियों से 31 अक्तूबर तक भंडारण की संविदा है। इसके बाद से किसानों का आलू से हक खत्म हो जाएगा। अभी शीतगृहों में 40 फीसदी आलू जमा है। इसे किसानों को 20 दिन में निकालना होगा।

60 फीसदी आलू निकासी में बीज ही शामिल है। इसे शीतगृह एसोसिएशन के सचिव उमेश अग्रवाल कहना है कि किसान बिक्री के लिए आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। बीज के लिए ही निकासी की जा रही है। किसान रामाधार, विशेश्वर, जनकराम का कहना है कि बाजार में मंदी है। ऐसे में आलू की निकासी का कोई फायदा नहीं है। जेब से ही पैसे जाएंगे। आलू विकास एवं शाक भाजी अधिकारी नैपाल राम का कहना है कि अब 60 फीसदी आलू की निकासी हुई है।
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फ्राइसोना से 15 फीसदी ज्यादा उत्पादन
इस बार किसानों को चिपसोना की एडवांस किस्म फ्राइसोना लुभाएगी। इस किस्म से किसानों को चिपसोना से 10 से 15 फीसदी ज्यादा पैदावार मिलेगी। चिपसोना का एक हेक्टेयर में औसत उत्पादन 300 से 350 क्विंटल तक है। फ्राइसोना से उत्पादन में 10 से 15 फीसदी का इजाफा होगा। इस किस्म की इलाकाई किसान पहली बार बुआई करेंगे। कुफरी फ्राइसोना आधारित बीज का सीड साइज 100 व ओवर साइज का 20 क्विंटल आवंटन जिले को मिला है। कुफरी फ्राइसोना सीड साइज का मूल्य 2200 रुपये प्रति क्विंटल और ओवर साइज का मूल्य 1920 रुपये प्रति क्विंटल है। आलू विकास एवं शाक भाजी अधिकारी नैपाल राम का कहते हैं कि फ्राइसोना की बुवाई से किसानों को फायदा होगा।
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