कमालगंज। आरपी इंटर काॅलेज में शुक्रवार को हुई पुलिस की पाठशाला में बेटियों में निडरता व आत्म-सुरक्षा का भाव भरा गया। बेटियों को सोशल मीडिया व मोबाइल के फ्रॉड मैसेज पर अंधविश्वास से बचने की सलाह दी गई।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कानून का सम्मान-कानून से जीवन आसान विषय पर पुलिस पाठशाला कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रशिक्षु सीओ अजय वर्मा ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। छात्रों से पूछा साइबर स्वच्छता क्या है। फिर बताया कि सोशल मीडिया के गलत प्रभावों से बचना साइबर स्वच्छता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, इंटरनेट के अन्य साधनों पर कोई भी सामग्री बहुत सोच समझ कर डालें। मोबाइल पर आने वाले मैसेज व काल पर विश्वास न करें।
प्रभारी निरीक्षक अनुराग मिश्रा ने छात्रों से संवाद किया। छात्र विश्वास राजपूत ने पूछा कि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों का पुलिस चालान क्यों कर देती है। इस पर उन्होंने कहा कि एचएसआरपी प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी बात हो, माता-पिता से नहीं छिपानी चाहिए। छात्रा कल्पना ने कहा कि फोन के द्वारा किसी भी व्यक्ति को झूठ का सहारा लेकर परेशान करना डिजिटल अरेस्ट है। इससे बचने की लिए अनावश्यक फोन न उठाने की सलाह दी गई।
महिला दरोगा नीरज त्यागी ने छात्राओं को बैड टच/गुड़ टच की पहचान करना बताया। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 181,1090, 112, 1098 व साइबर क्राइम के 1930 नंबर की जानकारी भी दी। कांस्टेबल प्रीति चाहर ने कहा कि गलत के खिलाफ विरोध करने की हिम्मत जुटानी होगी। प्रधानाचार्य बलविंदर सिंह ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन समाचारों के साथ ही पुलिस पाठशाला, अपराजिता, रक्तदान जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के लिए भी जाना जाता है। कानून का पालन करने व दूसरों को प्रेरित करने की शपथ भी ली गई। संजीव कुमार, राजेश पांडेय, हरेंद्र प्रताप, देवेश सिंह राजपूत आदि भी मौजूद रहे।
पाठशाला से आया खुद में आत्मविश्वास-
हाईस्कूल की छात्रा उपासना ने कहा कि अमर उजाला की पुलिस पाठशाला में शामिल होकर अपनी सुरक्षा को लेकर खुद में ही आत्मविश्वास आया है। ऐसे कार्यक्रमों से लड़कों को भी गलत कामों के बजाय अच्छे कामों के लिए सीख मिलती है।
पढ़े-लिखे भी साइबर ठगी का शिकार -
इंटर की छात्रा रोशनी का कहना है कि इस समय साइबर ठगी ने बहुत अधिक पैर पसार लिए हैं। पढ़े-लिखे लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। पाठशाला से सीख मिली कि मोबाइल मैसेज, एप आदि की सूचनाओं पर कभी लालच में न आएं।
अनुशासन है कानून के पाठ की सीढ़ी-
11 वीं कक्षा के छात्र विश्वास ने कहा कि अनुशासन एक तरह से कानून के पालन की सीढ़ी है। पाठशाला ने सीख दी है कि कानून के प्रति सम्मान सामाजिक प्रगति व खुशहाली की आधारशिला है। सभी कानून का पालन करें तो समस्याएं कम होंगी। सभी व्यवस्थित ढंग से चल सकेगा।
जागरूकता का मिला मंच, गांवों तक संदेश-
कक्षा 11 के छात्र उपेंद्र कुमार ने कहा कि कार्यक्रम में भागीदारी से छात्रों को सामाजिक जागरूकता का मंच मिला। कानून के महत्व को छात्रों ने अच्छे से समझा। वह गांव के लोगों को जागरूक करेंगे कि सभी लोग अपनी बाइक में एचएसआरपी नंबर प्लेट जल्दी से जल्दी लगवा लें। अन्य छात्र भी अपने गांव में जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश देंगें।