नवाबगंज। आज भी लोगों में इंसानियत जिंदा है। एक पीआरवी सिपाही ने जब सड़क पर पड़े खून से लथपथ घायलों को तड़पते देखा, तो उससे रहा नहीं गया। उसने इंसानियत के नाते तीनों घायलों को गोद में उठाकर कार में लिटाया और अस्पताल पहुंचाया। सिपाही के इस नेक कार्य को देख लोगों ने कहा कि सिपाही मसीहा के रूप में आया है।
बुधवार को मोहम्मदाबाद रोड पर पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया। ड्यूटी पर तैनात पीआरवी सिपाही जुवैर आलम को राहगीर ने सूचना दी कि बांसमई के पास दो बाइकों की भिड़ंत में घायल हुए तीन लोग तड़प रहे हैं। इस पर वह तुरंत ही मौके पर पहुंचा। जबकि 112 पर काल किए जाने के बाद लखनऊ मुख्यालय से पीआरवी को सूचना देकर घटनास्थल पर सहायता के लिए भेजा जाता है लेकिन सिपाही जुबैर ने लखनऊ से काल आने का इंतजार नहीं किया।
उसने सामने खून से लथपथ देख कायमगंज कोतवाली के गांव फरीदपुर सैंथरा निवासी आदित्य राजपूत (30) और दूसरी बाइक पर सवार अलीगंज के गांव भटपुरा निवासी सुमित (28) पुत्र राजवीर, तहेरा भाई धर्मेंद्र (22) पुत्र उदयवीर को गोद में उठाकर कार में लिटाया। इसके बाद कार से सीएचसी पहुंचा दिया। सिपाही की तत्परता और नेक कार्य की लोग तारीफ करते रहे।
घायल आदित्य अपने रिश्तेदार नवाबगंज के गांव जानकीपुर निवासी यशवंत कुमार और दोस्त पहाड़पुर निवासी ऋषिकुमार के साथ कमालगंज जा रहे थे। उधर, सुमित और धर्मेंद्र छिबरामऊ जा रहे थे लेकिन नवाबगंज में कुछ सामान खरीदने के लिए वह रास्ते से लौटकर आ रहे थे। इसी दौरान दुर्घटना हो गई। दोनों बाइकों के सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। घायलों को रेफर कर दिया गया है।