संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ सीएचसी परिसर में गत वर्ष से संचालित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की व्यवस्थाएं बदहाल हैं। गर्मी व गंदगी से छात्राएं बेहाल हैं। टंकी का दूषित पानी पीने से छात्राएं बीमार पड़ रहीं हैं। शिकायत के बावजूद सीएमओ सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
एएनएम ट्रेनिंग सेंटर स्वास्थ्य विभाग की ही उपेक्षा का शिकार है। कहने को तो इन दिनों संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इसमें सफाई के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा। हकीकत यह है कि सीएमओ कार्यालय के पास संचालित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में गंदगी का साम्राज्य है। यहां कई जनपदों की कुल 35 छात्राएं प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें 18 छात्राएं ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में रहती हैं। भोजन का खर्च स्वयं छात्राएं उठाती हैं। हालात यह हैं कि केंद्र के अंदर परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। टूटा फर्नीचर व कबाड़ लगा है। इसमें सांप निकलकर छात्राओं के कमरों तक पहुंच रहे हैं।
छत पर बनी पानी की टंकी गंदी होने से दूषित पानी का ही छात्राओं को इस्तेमाल करना पड़ता है। टंकी में क्लोरीन तक नहीं डाली गई। शौचालय का टैंक चोक है। परिसर में गंदा पानी बहने से बदबू आ रही है। क्लास रूम से लेकर प्रैक्टिल रूम व हॉस्टल में कहीं भी कूलर व एसी नहीं लगी है। भीषण गर्मी में बीमार पंखों के सहारे छात्राएं रहने को मजबूर हैं। दो दिन पहले छात्रा शशि क्लास में प्रशिक्षण लेने के दौरान गर्मी में बेहोश हो गई थी जबकि दूषित पानी पीने से छात्रा वंदना बीमार पड़ गई। उसके प्लेटलेट्स घटकर मात्र 60 हजार रह गए। अभी उसका उपचार चल रहा है।
नहीं हो पा रहे प्रैक्टिकल
एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की तैयारी में गत वर्ष शासन से मिले 21.50 लाख रुपये खर्च किए गए थे। प्रैक्टिकल कक्ष में एसी व कूलर न लगा होने से गर्मी में उपकरण खराब होने का डर है। छात्राओं को प्रैक्टिकल करने का भी मौका नहीं मिल रहा है।
सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं
हॉस्टल में रुकने वाली छात्राओं के सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। केंद्र बाहर खुले मैदान में बड़ी-बड़ी घास व झाड़ियां हैं। बिजली जाने पर कमरों में धीरे-धीरे चलने वाले पंखे भी बंद हो जाते हैं। इनवर्टर व जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। इससे गर्मी से परेशान होकर छात्राएं केंद्र के बाहर आती हैं। वहां बाउंड्रीवाल भी नहीं है। परिसर में बंदर व अन्ना गोवंश घूमते रहते हैं। सांप भी निकलते हैं। केंद्र के अंदर लगे कैमरे भी खराब हैं। इससे छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
अगले माह शुरू होगा नया बैच
प्रभारी प्रधानाचार्य श्वेता भट्ट ने बताया कि अगले माह नए सत्र में 50 छात्राएं और आने की संभावना है। जब 18 छात्राओं के लिए व्यवस्था नहीं हो पा रही है तो अगले सत्र की छात्राएं आने पर क्या स्थिति होगी, यह चिंता का विषय है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि समस्याओं के संबंध में वह सीएमओ को अवगत करा चुके हैं। परिसर में नगरपालिका से जबकि सेंटर के अंदर विभागीय स्तर से सफाई कराई जाएगी। इनवर्टर, कूलर, एसी आदि की व्यवस्था बजट की उपलब्धता के हिसाब से कराई जाएगी।