फर्रुखाबाद। पराग डेयरी के चालकाें ने पेमेंट न होने पर सोमवार को गेट में ताला डालकर हंगामा किया। अधिकारियों के न आने पर चालकों ने प्रभारी प्रबंधक से कक्ष में हाथापाई की। शाम को दोनों के बीच समझौता हो जाने पर गेट खोला गया।
सोमवार को पेमेंट न मिलने से गुस्साए पराग डेयरी के चालकों ने पराग दुग्ध डेयरी का मुख्य गेट बंद कर वाहनों को डेयरी परिसर में खड़ा कर दिया। चालकाें ने नारेबाजी कर हंगामा किया। काफी देर तक जब पराग डेयरी के प्रभारी प्रबंधक संजय सिंह चालकों की समस्याओं को सुनने के लिए नहीं पहुंचे तो आक्रोशित चालकों की भीड़ प्रभारी प्रबंधक के कक्ष में जा पहुंची। हंगामा करने पर प्रभारी प्रबंधक विरोध करने लगे तो चालकों ने प्रभारी प्रबंधक से हाथापाई कर दी। कक्ष में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने जैसे-तैसे चालकों को बाहर निकाला।
इसकी जानकारी एडीएम मनोज सिंघल को दी गई। एडीएम ने सीओ सिटी योगेश कुमार को घटनास्थल पर फोर्स भेजने के निर्देश दिए। कुछ समय बाद शहर कोतवाल रूम सिंह यादव मौके पर आ गए। गेट बंद देखकर कोतवाल ने उसे खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन वहां पर मौजूद चालकाें ने यह कहकर कोतवाल को यह कह कर वापस कर दिया कि यहां पर कोई विवाद नहीं है।
चालकों ने बताया कि उन लोगों को आठ फरवरी को पेमेंट देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्हें आज भी पेमेंट नहीं मिला। चालकों का कहना था कि जब तक उनको पेमेंट नहीं मिलेगा, तब तक वह लोग गाड़ी नहीं चलाएंगे। शाम करीब पांच बजे दोनों पक्षों के बीच वार्ता होने के बाद समझौता हो गया। इसके बाद डेयरी का गेट खोला गया। उधर, प्रभारी प्रबंधक संजय सिंह ने बताया कि पराग दुग्ध डेयरी मंडल में विलय हो गई है। चालकों के पेमेंट की बात कानपुर के अधिकारियों को बता दी गई है। चालकों ने उनके साथ अभद्रता की है।