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सियासी दबाव में खुल गए सीज खाते

Wed, 02 Sep 2015 11:08 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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पंचायत चुनाव के अंतिम दिनों में प्रधानों का लॉटरी खुली है। सियासी दबाव में बुधवार को सभी 512 ग्राम पंचायतों के सीज खातों से धन निकासी पर लगी रोक हटा ली गई है। कार्ययोजना व उपभोग प्रमाण पत्र न देने से 11 अगस्त को सीडीओ ने ग्राम पंचायतों के खाते सीज कर दिए थे। इस समय ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि प्रथम के खाते में करीब 14 करोड़ रुपये जमा हैं।
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पंचायत चुनाव के लिए इसी माह अधिसूचना जारी हो सकती है। ऐसे में खातों से धन निकासी पर लगी रोक से प्रधान परेशान थे। इन्हें यह पैसा हाथ से जाता दिख रहा था। यह कई दिनों से सियासी रहनुमाओं से गुहार लगा रहे थे। पंचायत चुनाव में प्रधानों का समर्थन पाने को नेता भी इनकी पैरवी में जुट गए। आखिर में पहले से खर्च धन का उपभोग प्रमाण पत्र

व नए काम की कार्ययोजना न देने के बाद भी सीज खाते खोल दिए गए। सीडीओ एसएन शुक्ल ने उपभोग प्रमाण पत्र व नए काम की कार्ययोजना न देने पर ही रोक लगाई थी। खाताें से धन की निकासी के लिए डीपीआरओ गिरीश चंद्र ने बैंक शाखाआें को चिट्ठी भेज दी है।
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ग्राम पंचायत के  ग्राम निधि प्रथम खाते में राज्य वित्त, तेरहवें वित्त का बजट भेजा जाता है। इसी खाते में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि का बजट भी भेजा गया था। 512 ग्राम पंचायतों में करीब 14 करोड़ रुपया इस खाते में जमा है। अगर इस माह के अंत तक भी अधिसूचना जारी होती है तो ग्राम पंचायतों को 28 दिनों में यह पैसा खर्च करना पड़ेगा। ऐसे में इस आपाधापी में विकास कार्य कैसे होंगे इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

आधे बजट से नए काम, बाकी से मरम्मत
ग्राम निधि प्रथम खाते में भेजे गए बजट में से आधा पैसा नए कामों पर तो आधा पैसा मरम्मत पर खर्च होना होता है। ग्राम प्रधान ज्यादातर पैसा नए काम पर ही खर्च करते हैं । इसी से यह कार्ययोजना व उपभोग प्रमाण पत्र देने से बचते हैं। समय कम होने पर ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों में मनमाने तरीके से भी पैसा खर्च कर लिया तो इन पर कार्रवाई मुश्किल हो जाएगी।
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