फर्रुखाबाद। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को लेकर सतर्क प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। डीआईओएस कार्यालय में एकत्र सपाइयों से सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ ने वहीं ज्ञापन देने को वार्ता की लेकिन सपाई नहीं माने। प्रदर्शन के दौरान एक सपाई ने पुलिस कर्मी पर बट मारकर घायल करने का आरोप लगाया। इस बीच हंगामा हो गया। कलक्ट्रेट के दोनों गेट बंद होने से बाहर ही सपाइयों ने धरना देकर राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
फतेहगढ़ स्थित डीआईओएस कार्यालय के बाहर सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, राजेपुर ब्लाक प्रमुख डा. सुबोध यादव आदि के नेतृत्व में सपाई एकत्र हुए। सीएए के विरोध व अन्य मुद्दों को लेकर सपा का पहले से ही धरना प्रदर्शन प्रस्तावित था। इससे सुबह से कलक्ट्रेट के दोनों बड़े गेट बंद कर पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट रत्नप्रिया व सीओ सिटी मन्नी लाल गौंड ने जाकर सपाइयों से वार्ता की लेकिन वह वहां ज्ञापन देने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद एडीएम सपाइयों से मिलने जा ही रहे थे, इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी, राजेपुर ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव, महेंद्र कटियार आदि के साथ सपाई नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। कचहरी तिराहे पर पुलिस ने सपाइयों को रोक लिया।
इस बीच सपा नेता पुष्पेंद्र यादव ने पुलिस पर बट मारकर घायल कर देने का आरोप लगाया। इस पर कुछ पुलिस कर्मी सहम गए। किसी तरह समझाकर मामला शांत किया गया। जिलाध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के अलावा रजत क्रांतिकारी, रंजीत चक, सर्वेश अंबेडकर समेत एक दर्जन सपाइयों को जाने की इजाजत दी गई। दोनों कलक्ट्रेट गेट बंद देखकर सपाई वहीं पर धरना देकर बैठ गए और भाजपा विरोधी नारेबाजी करने लगे। इसी बीच सीओ सिटी सपा जिलाध्यक्ष को लेकर आगे निकले तो अन्य सपाई भी उठकर चल दिए। कलक्ट्रेट मेन गेट के बाहर सपाइयों ने धरना प्रदर्शन किया। सपा नेता रंजीत चक ने कपड़े उतार दिए और अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। गले में बीजेपी मुर्दाबाद नारे लिखी पट्टिका डाले थे। जिलाध्यक्ष ने एडीएम विवेक श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व राज्य मंत्री को पुलिस ने रोका
कलक्ट्रेट गेट के बाहर धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सपा के पूर्व राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह यादव, अपने बेटे सचिन सिंह यादव व समर्थकों के साथ जा रहे थे। इससे पहले ही सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह गौर ने उन्हें रोक दिया। एसडीएम सदर अनिल कुमार व अन्य अधिकारियों से काफी देर बातचीत हुई लेकिन उन्हें पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया। धरना स्थल से जब ब्लाक प्रमुख सुबोध अपने समर्थकों के साथ उठकर चले। इसके बाद पूर्व राज्य मंत्री को धरने में शामिल होने का मौका मिला। सचिन यादव ने भी एडीएम को ज्ञापन सौंपा।