फर्रुखाबाद। हरियाणा के रियल एस्टेट कंपनी के कर्मी अरुण सिंह हुड्डा (32) की रविवार रात बरेली-इटावा हाईवे पर पांचाल घाट चौकी से कुछ दूर गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस की टीमों ने दो संदिग्धों को उठा लिया है। एनसीआर में लगी तीन टीमें अन्य आरोपियों की तलाश कर रही हैं। अब कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटना को अंजाम देकर भागी कार में तीन से अधिक बदमाश थे।
हरियाणा के जिला फरीदाबाद के थाना चंदावली के गांव दयालपुर निवासी अरुण सिंह हुड्डा (32) की रविवार रात बनारस से घर लौटते समय पांचाल घाट चौकी से 300 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उसकी पत्नी राखी और ढाई साल का पुत्र जयंत साथ में था। बदमाशों की कार का पुलिस कहीं भी पीछा नहीं कर सकी। कार ने एटा के मलावन थाना क्षेत्र में एक टोल प्लाजा के बैरियर को तोड़ दिया था। वहां कार के चालक पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। कादरीगेट थाना पुलिस ने पत्नी राखी की तहरीर पर पलवल निवासी रोहित और दो अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
डीआईजी यमुना प्रसाद ने इस घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें लगाने की बात कही थी। तीन टीमें दिल्ली एनसीआर में ही लगी हैं। सूत्र बताते हैं कि दो संदिग्धों को पुलिस ने उठाया है। बनारस की ओर भेजी गई टीमों को कुछ भी खास हाथ नहीं लगा है। थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश में गए हैं, तो खाली हाथ नहीं लौटेंगे। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
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अरुण पर तीन मुकदमे, जानलेवा हमले में पांच साल रहा था जेल में
अरुण सिंह हुड्डा ही नहीं उसका पूरा परिवार दबंग है। अरुण पर हत्या के प्रयास समेत तीन मामले दर्ज हैं। जानलेवा हमले के मुकदमे में पांच साल जेल में रहा। वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। वह जिस रियल एस्टेट कंपनी में गार्ड की नौकरी करता था, उसी के लिए जमीनों की खरीद फरोख्त भी कराता था। उसमें ही दलाली लेता था। साथ ही कुछ जमीनें खुद खरीद कर बेचता था। इसके चलते उसकी व उसके परिवार की कई लोगों से रंजिश है। बताया गया कि करीब 20 दिन पूर्व दस करोड़ में जमीन का सौदा किया था। उसी जमीन को दूसरे ने 12 करोड़ रुपये में ले लिया था। इसके चलते भी कुछ दिन पूर्व विवाद हुआ था।
कांग्रेस का सोशल मीडिया पर पोस्ट- यूपी में कानून व्यवस्था फेल
फर्रुखाबाद। यूपी कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर घटना को पोस्ट किया। अरुण की पत्नी व मासूम बेटे का रोता हुआ फोटो लगाया। लिखा कि डबल इंजन सरकार के दावों की पोल खोलती फर्रुखाबाद की यह सनसनीखेज वारदात यह बताने के लिए काफी है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था किस हद तक रसातल में जा चुकी है। बनारस से परिवार के साथ लौट रहे प्रॉपर्टी कारोबारी अरुण हुड्डा को पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर पत्नी और मासूम बेटे के सामने गोलियों से भून दिया जाता है और सरकार के नुमाइंदे शांत बैठे रहते हैं। जब एक बाहरी राज्य से आया व्यक्ति राजधानी या प्रमुख हाईवे पर अपने परिवार के साथ सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।