फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस कर्मी को मिले कपड़े के मास्क, एन-95 के बिल लगाकर करा लिया भुगतान

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। पुलिसकर्मियों को कोरोना से बचाने के लिए हुई मास्क की खरीद में पुलिस विभाग में खेल हो गया। महिलापुलिस कर्मियों से कपड़े के मास्क बनवाकर विभाग में बांटे गए। इसके बाद 10 हजार से अधिक एन-95 व कुछ सादे मास्क की खरीद दिखाकर बिलों का भुगतान करा लिया गया। एन-95 मास्क की कीमत करीब 150 रुपये दिखाई गई है। खास बात यह भी है कि जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 1500 ही है।
विज्ञापन

आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए मास्क, सैनिटाइजर खरीदकर बांटने के आदेश दिए थे। इसके लिए जिले को बजट मिला था। पुलिस लाइन में मास्क बनाने के लिए चार महिला सिपाहियों को लगाया गया। उनको कपड़ा व धागा समेत सिलाई मशीन उपलब्ध करवाई गईं। महिला सिपाहियों ने मास्क तैयार किए। यही मास्क अधिकारियों ने थानों से लेकर चौकी व पुलिस लाइन समेत कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों को वितरित किए। एसपी, एएसपी व सभी सीओ को एन-95 मास्क दिए गए। अन्य पुलिसकर्मियों को कपड़े के मास्क ही अभी तक दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके विभाग ने एन-95 मास्क के बिल लगाकर भुगतान भी करवा लिया है। इसमें एक मास्क की कीमत 150 रुपये दिखाई गई है। कुछ सादे मास्क की खरीद 35 से 50 रुपये में दिखाई गई।
खास बात ये कि मई और जून में पुलिस विभाग ने चार हजार एन-95 मास्क की खरीद दिखाई है, जबकि विभाग में 1500 पुलिस कर्मी है। सूत्रों की मानें तो 10 हजार से ज्यादा एन-95 व कुछ अन्य प्रकार के (कम संख्या में) मास्क खरीदे जा चुके हैं। इसमें कई लाख रुपये का खेल कर दिया गया है।
विज्ञापन

प्रतिसार निरीक्षक किश्वर अली ने बताया कि कोरोना से बचाव को मास्क की सप्लाई ठेकेदार ने दी थी। उसके बाद पुलिस कर्मियों को देने के लिए कपड़े के मास्क भी बनवाकर वितरित किए गए। एन 95 मास्क की ज्यादा खरीद नहीं की गई। सादे मास्क भी खरीदे गए। इनकी कीमत 50 से लेकर 35 रुपये है। उस दौरान बाजार में जो मास्क मौजूद था। उसकी ही खरीद की गई।
15 लाख के बजट में से 11 लाख खर्च
कोरोना से बचाव को लेकर विभाग को 15 लाख का बजट दिया गया था। इसमें अब तक 11 लाख रुपये खर्च किए जा चुके है। थर्मल स्कैनर, आक्सीमीटर, सैनिटाइजर की खरीद में लगभग विभाग ने तीन लाख रुपये खर्च किए हैं। जबकि लगभग आठ लाख रुपये मास्क की खरीद में खर्च किए गए हैं। लगभग पांच लाख रुपये का मास्क की खरीद में घोटाला होने की आशंका है। एसपी डॉ अनिल मिश्रा ने बताया कि उनको पूरे मामले की अभी जानकारी नहीं है। इस मामले में जांच कर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें