फर्रुखाबाद। शहर के एक मोहल्ले में लखनऊ और ललितपुर नंबरों की लग्जरी गाड़ियों से आए अधिकारियों ने सोमवार सुबह छह बजे एक मकान में दबिश दी। वहां मिले युवक से तीन घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद अधिकारी उसे छोड़कर चले गए। परिजनों ने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गई थी। अब मामला सुलट गया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला घेर शामू खां निवासी अहसान खां के घर सोमवार सुबह करीब छह बजे ललितपुर और लखनऊ नंबरों की तीन गाड़ियों से सादा वर्दी और एक गाड़ी से पुलिस पहुंची। अधिकारियों ने फिरोज नाम के युवक को अपने घेरे में ले लिया। कई अधिकारी घर के अंदर तलाशी लेते रहे। कुछ ने फिरोज से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। करीब नौ बजे अधिकारी अपने वाहनों से रवाना हो गए। फिरोज के एक भाई ने अपना नाम बताए बिना कहा कि मोबाइल से धोखे में एक पोस्ट और कॉल हो गई थी। इसी के बारे में पूछताछ करने लखनऊ के अधिकारी आए थे। इसके बाद भाई ने मकान का गेट बंद कर लिया।
मोहल्ले वाले एसटीएफ होने की बात कह रहे हैं। हालांकि मोहल्ले में लोग खासे आशंकित रहे। कोई भी बोलने को तैयार नहीं हुआ। कोतवाली प्रभारी राजीव पांडेय ने बताया कि थाने में किसी भी पुलिस अथवा अधिकारी ने आमद नहीं कराई। उनसे कोई सहयोग भी नहीं मांगा गया। बाहर की टीमें अपने तकनीकी संसाधनों को साथ लेकर आती हैं। लिहाजा वह खुद ही पूरी कार्रवाई करती हैं।
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शहर में दो दिन तक रुकी रही एसटीएफ की टीम
शहर के कादरीगेट थाना क्षेत्र में लखनऊ एसटीएफ की एक टीम शुक्रवार को यहां पहुंची थी। उनके रुकने की व्यवस्था भी एक होटल में कराई गई। टीम ने स्थानीय स्तर पर किसी तरह की जानकारी नहीं दी। हालांकि जानकारों का कहना है कि वह किसी बड़े मामले पर काम कर रहे थे। रविवार दोपहर में होटल छोड़कर चले गए। एसटीएफ की आवाजाही किसी बड़े मामले के खुलासे की ओर इशारा कर रहे हैं।