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पुलिस अब तक गायब हो चुकी मूल पत्रावली का नहीं लगा सकी सुराग

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फर्रुखाबाद। फाइनेंस कंपनी का लोन चुकाए बिना एआरटीओ कार्यालय से कार ट्रांसफर होने के मामले में मुकदमे की जांच कर रहे दरोगा मूल पत्रावली के बारे में सुराग नहीं लगा पाए हैं। जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। लिपिक भी लंबे अवकाश पर चले गए हैं। इससे उनके पटल का काम भी बंद है।
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एआरटीओ कार्यालय के लिपिक भीम कात्यान ने अमृतपुर तहसील के गांव कुबेरपुर कुतलूपुर पवन व मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव इशेपुर निवासी अमर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी कर फर्जी प्रपत्र तैयार कर कार दूसरे के नाम पर ट्रांसफर करा लेने का मुकदमा 18 अगस्त को दर्ज कराया था।
लिपिक व एआरटीओ के सिपाहियों ने पवन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। कार की मूल पत्रावली गायब कर दी गई थी। लिपिक भीम लंबे अवकाश पर चले गए हैं। उनके पटल का काम लगभग बंद है। फिटनेस व वाहन ट्रांसफर की दर्जनों फाइलें लंबित हैं।
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लिपिक राजेंद्र अपने पटल के अलावा भीम के पटल का काम भी देख रहे हैं। राजेंद्र के पटल का प्रिटंर कई दिनों से खराब है। पंजीयन के प्रपत्र भी कार्यालय में खत्म हो गए हैं। इससे पंजीयन के प्रपत्र लोगों को नहीं मिल पा रहे हैं।
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आरआई जीवन कुमार ने बताया कि कार्यालय में सभी पटलों पर काम चल रहा है। स्टाफ की कमी है। लिपिक अवकाश पर हैं।
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